निर्जला एकादशी 25 जून को मनाई जाएगी, देशभर के मंदिरों में विशेष तैयारियां शुरू
हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाने वाली निर्जला एकादशी इस वर्ष 25 जून को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस पावन अवसर को लेकर देशभर के मंदिरों, धार्मिक स्थलों और आश्रमों में विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और व्रत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। माना जाता है कि निर्जला एकादशी का व्रत सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य प्रदान करता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व विशेष रूप से अधिक माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी का व्रत बिना जल ग्रहण किए रखा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे अत्यंत कठिन लेकिन फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
देश के प्रमुख विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन, सत्संग और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। कई धार्मिक संस्थाओं ने भंडारे, जल सेवा और सामाजिक सेवा कार्यक्रमों की भी घोषणा की है।
धर्माचार्यों ने श्रद्धालुओं से व्रत के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी अपील की है। विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार व्रत करने की सलाह दी गई है।
निर्जला एकादशी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि आत्मसंयम, भक्ति और सेवा भावना का भी प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए मंदिरों में पहुंचेंगे। धार्मिक वातावरण और भक्ति रस से सराबोर यह पर्व देशभर में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।




