डॉक्टर बनने का सपना लिए नीट-यूजी में बैठे 20 लाख छात्र, कड़ी सुरक्षा के बीच देश-विदेश के 5454 केंद्रों पर दोबारा हुई परीक्षा

नई दिल्ली। मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी नीट-यूजी रविवार को दोबारा देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुई। एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के लिए राहत की बात यह रही कि इसमें कहीं से किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। 20 लाख से अधिक छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना ओएमआर (आप्टिकल मार्क रिकाग्निशन) शीट में कैद हो गया।

यह परीक्षा पेन-पेपर और ओएमआर के जरिये कराई गई है। अगले साल से एनटीए ने इसे सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) के जरिये कराने का फैसला लिया है। इससे पहले यह परीक्षा तीन मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक का मामला सामने के बाद पूरी परीक्षा को रद कर दिया गया था। सीबीआइ मामले की जांच कर रही है।एनटीए के मुताबिक, मेडिकल प्रवेश परीक्षा देशभर के 551 शहरों के 5440 केंद्रों और विदेश के 14 शहरों में बनाए गए केंद्रों पर एक साथ आयोजित की गई।

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