पंजाब में ‘युद्ध नशेयान विरुद्ध’ अभियान को मिली नई रफ्तार, सरकार ने कसा शिकंजा

पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेयान विरुद्ध’ अभियान को अब और तेज़ कर दिया गया है। राज्य में बढ़ते नशे के मामलों पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पहल का मकसद युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना और समाज में जागरूकता फैलाना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नशा तस्करों और अवैध नेटवर्क के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग द्वारा कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर नशे से जुड़े तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि राज्य में नशे की आपूर्ति को रोका जा सके।

इस अभियान को लेकर अरविंद केजरीवाल ने भी जनता से अपील की है कि वे इस लड़ाई में सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह जंग केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। गांव स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष समितियों का गठन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर नशा तस्करी की सूचना समय रहते प्रशासन तक पहुंच सके।

सरकार द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा मुक्ति केंद्रों की सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे प्रभावित लोगों को सही समय पर उपचार मिल सके।

राज्य सरकार का दावा है कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और आने वाले समय में इसे और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा, ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके।

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