टैरिफ पर तनाव के बाद भी क्यों साथ हैं भारत-अमेरिका? लोकतांत्रिक देशों की अहम बैठक, अश्विनी वैष्णव भी हुए शामिल
भारत और अमेरिका आयात शुल्क तनाव के बावजूद महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग कर रहे हैं। अमेरिका ने भारत को ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। वाशिंगटन में लोकतांत्रिक देशों की बैठक में अश्विनी वैष्णव ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य चीन के बढ़ते दबदबे के खिलाफ दुर्लभ धातुओं की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। दोनों देश शोध साझा करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर सहमत हुए हैं, ताकि सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता बनी रहे।

इस प्रस्ताव के कुछ ही देर बाद वाशिंगटन में अमेरिका के वित्त मंत्री स्काट बेसेंट की अगुआई में हुई लोकतांत्रिक देशों की एक बैठक में भारत के रेलवे, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हिस्सा लिया है। इस बैठक को दुनिया में क्रिटिकल मिनरल्स के खानों व प्रसंस्करण पर चीन के बढ़ते दबदबे के खिलाफ लोकतंत्रिक देशों को एकजुट करने के तौर पर माना जा रहा है ताकि सेमीकंडक्टर, सौर ऊर्जा व अन्य प्रौद्योगिकी आधारित मैन्यूफैक्चरिंग के लिए दुर्लभ धातुओं की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।




