Shivraj Singh Chauhan ने किसानों के लिए तैयार की 100 दिन की कार्ययोजना

नयी दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि गेहूं, चावल, मक्के के साथ-साथ दलहन, तिलहन और अन्य फसलों के उत्पादन में तेजी से प्रयास करने होंगे और राज्यों के हिसाब से फसली योजना बनेगी।उन्होंने कहा मानकों को पूरी नहीं करने वाले बीज, खाद और उर्वरक बेहद गंभीर विषय है। इस पर भी सरकार जल्द ही कड़ा कानूनी प्रावधान लाएगी।

Shivraj Singh Chauhan

राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर के भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की 96वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कहा कि फसलवार बैठकों का क्रम शुरू हो चुका है। सोयाबीन पर मध्य प्रदेश के इंदौर में बड़ी बैठक बुलाई गई है। इसके बाद कपास, गन्ना व अन्य फसलों पर भी विशेष बैठकें होंगी। आगामी 11 जुलाई को कोयम्बटूर में कपास पर सम्मेलन होगा और कपास मिशन पर चर्चा होगी। एक-एक फसल पर राज्य की जरूरतों, जलवायु अनुकूलता और किसानों की आवश्यकताओं के हिसाब से ध्यान दिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रबी की फसल से पहले राज्यों के साथ मिलकर ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ से किसानों तक विज्ञान की खोजों ले जाने की कोशिश होगी। आगामी रबी सम्मेलन में अंतिम कार्ययोजना पर काम होगा। चूंकि कृषि राज्य का विषय है इसलिए राज्य सरकारों का सहयोग कृषि के विकास के लिए जरुरी है। उन्होंने जन औषधि केंद्र की तर्ज पर फसल औषधि केंद्र के विचार को आगे बढ़ाने की भी बात की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं, इसका निरीक्षण बेहद जरूरी है।

इस बैठक में कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जितेंद्र सिंह, मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी राज्य मंत्री श्री एस. पी. बघेल, मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन सहित कई राज्यों के मंत्री शामिल हुए।

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