Air safety: नायडू ने तनाव, थकान से निपटने के लिए मजबूत प्रणाली की वकालत की
Naidu advocates strong systems to deal with stress, fatigue
नई दिल्ली, 23 सितंबर (वेब वार्ता)। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को विमान संचालन की सुरक्षा के लिए विमानन मनोविज्ञान के क्षेत्र के साथ-साथ तनाव और थकान से निपटने के लिए मजबूत प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर सुरक्षा सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि मानवीय कारक भी हवाई दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं। मंत्री ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय राजधानी में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा विमान दुर्घटनाओं में मानवीय कारकों पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में की। नायडू ने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र के तेजी से विकास के साथ सुरक्षा उपायों को भी तालमेल रखना होगा।
उन्होंने लोगों को निरंतर कौशल प्रदान करने और कौशल बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने पायलटों सहित अन्य लोगों के लिए तनाव और थकान से निपटने के लिए मजबूत कार्यक्रमों की भी वकालत की। नायडू ने कहा कि विमानन मनोविज्ञान के लिए औपचारिक कार्यक्रमों की कमी है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उन्नत मनोवैज्ञानिक पहलुओं को शामिल करने की जरूरत है। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है। देश की कई एयरलाइनों ने 1,200 से अधिक विमानों का अनुबंध किया है। नायडू ने विमान रखरखाव क्षेत्र में कर्मियों के लिए प्रौद्योगिकी और संज्ञानात्मक कौशल की आवश्यकता पर भी बल दिया, क्योंकि भविष्य में देश में और अधिक विमान आएंगे।




