30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे मोदी, श्रीलंका-भूटान समेत आठ देशों को न्योता, पाकिस्तान फिलहाल सूची में नहीं

  • 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे मोदी
  • बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान, नेपाल, किर्गिस्तान और मॉरिशस को भेजा गया न्योता
  • बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इस बार भी शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो पाएंगी

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में बीआईएमएसटीईसी (बिमस्टेक) देशों को न्योता भेजा गया है। इनमें बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल है। इनके अलावा किर्गिस्तान के राष्ट्रपति और मॉरिशस के प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण भेजा गया है। पाकिस्तान को फिलहाल न्योता नहीं भेजा गया है। 2014 के शपथ ग्रहण में सार्क देशों को आमंत्रित किया गया था। 2019 में सरकार ने बिमस्टेक पर फोकस किया है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल सरकार का फोकस ‘पड़ोसी पहले’ की योजना पर है। इसी के अंतर्गत पड़ोसी राष्ट्रों को पहले निमंत्रण भेजा गया है। 30 मई को राष्ट्रपति भवन में शाम 7 बजे मोदी के साथ केंद्रीय मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जाएगी। ‘बिम्सटेक’ का पूरा नाम, “वे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन’ है। ये बंगाल की खाड़ी के पास स्थित देशों का एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग संगठन है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना इस बार भी मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो सकेंगी। उनकी जगह मंत्री एकेएम मोजामिल मौजूद रहेंगे। दरअसल, प्रधानमंत्री हसीना उस दौरान जापान, सऊदी अरब और फिनलैंड की तीन दिवसीय यात्रा पर होंगी। 2014 में भी हसीना शपथ ग्रहण का हिस्सा नहीं बन पाई थीं। उनके स्थान पर संसद प्रवक्ता डॉ. शिरिन शर्मिन चौधरी भारत आए थे।

शनिवार को मोदी एनडीए संसदीय दल का नेता चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की थी। मोदी ने राष्ट्रपति कोविंद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। एनडीए के इस बार 352 सांसद हैं, जिसमें से 303 अकेले भाजपा के हैं।

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