क़र्ज़ में दुबे जेट एयरवेज की दोबारा उड़ान भरने की उम्मीद कम

कर्ज में दबकर परिचालन अस्थायी रूप से बंद कर चुकी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के लिए किसी खरीदार के सामने आने की उम्मीद सरकार को अब बेहद कम नजर आ रही है। वित्त मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
8 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबी कंपनी के लिए कुछ इकाइयों ने दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन अब तक बोलियों के साथ सामने नहीं आईं। इससे यह आशंका बढ़ती जा रही है कि कंपनी को जल्द बैंकरप्सी प्रोसीडिंग का सामना करना पड़ सकता है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘जेट के रिवाइवल की संभावना बहुत कम है।’ उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बोली के साथ सामने आता है तो सरकार दोबारा स्लॉट दे देगी, जिन्हें अभी दूसरी कंपनियों को अस्थायी रूप से दिया गया है। एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि रिकवरी के लिए कोई कभी भी इस कंपनी के खिलाफ नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (बैंकरप्सी कोर्ट) जा सकता है।

गौरतलब वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को अपनी सारी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द करने की घोषणा कर दी थी।कंपनी के हजारों कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है। उधर, जेट एयरवेज के पेशेवरों के एक समूह ने एयरलाइन को दोबारा चालू करने के लिए इसके कर्जदाताओं के सामने ‘रिवाइवल ऑफ जेट एयरवेज यानी रोजा’ प्लान पेश किया है।

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