पंजाब ने केंद्र से 3 लाख टन डीएपी की मांग की, रबी फसलों की बुआई से पहले बढ़ी चिंता

चंडीगढ़। रबी फसलों की बुआई का समय नजदीक आने के साथ पंजाब में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से तीन लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की है। राज्य सरकार का कहना है कि रबी मौसम में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि फसलों की बुआई प्रभावित न हो।

पंजाब में गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इन फसलों की बुआई के दौरान किसानों को उर्वरकों की आवश्यकता होती है। ऐसे में डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता कृषि गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की है कि पंजाब के लिए निर्धारित आपूर्ति में तेजी लाई जाए और किसानों की जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराया जाए।

डीएपी में नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो फसलों के शुरुआती विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसान सामान्य तौर पर बुआई के समय इसका इस्तेमाल करते हैं। उपलब्धता में कमी होने पर किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों की ओर जाना पड़ सकता है, जिससे खेती की लागत और प्रबंधन पर असर पड़ सकता है।

राज्य सरकार की ओर से उर्वरक आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कृषि विभाग के स्तर पर जिलों में मांग और उपलब्धता की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जहां अधिक आवश्यकता हो वहां उर्वरक पहुंचाया जा सके।

किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि बुआई के समय उन्हें निर्धारित मात्रा में डीएपी आसानी से उपलब्ध हो। पंजाब सरकार ने केंद्र से तीन लाख मीट्रिक टन की मांग इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की है। आने वाले दिनों में केंद्र की ओर से आपूर्ति बढ़ाए जाने पर राज्य में उर्वरक उपलब्धता की स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button