भारत की सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात आय 8.2 प्रतिशत बढ़ी, 221.4 अरब डॉलर तक पहुंची

नई दिल्ली। भारतीय सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवा क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन किया है। भारतीय रिजर्व बैंक के सर्वेक्षण के अनुसार इस दौरान देश की सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात आय में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 221.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई। यह आंकड़ा भारत के सेवा क्षेत्र और सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिजर्व बैंक के सर्वेक्षण में सॉफ्टवेयर सेवाओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी विभिन्न सेवाओं और कारोबारों से प्राप्त आय को शामिल किया गया है। भारतीय कंपनियां लंबे समय से अमेरिका, यूरोप और अन्य प्रमुख वैश्विक बाजारों के लिए तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड सेवाओं, साइबर सुरक्षा, डिजिटल समाधान और सॉफ्टवेयर विकास जैसी सेवाओं की वैश्विक मांग बढ़ने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर बने हैं।

निर्यात आय में वृद्धि का असर देश के सेवा निर्यात और विदेशी मुद्रा आय पर भी पड़ता है। भारत की बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के अलावा मध्यम और छोटे तकनीकी सेवा प्रदाता भी वैश्विक ग्राहकों के लिए काम कर रहे हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूदगी लगातार बढ़ी है।

सर्वेक्षण के आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी क्षेत्र में बदलाव तेजी से हो रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन जैसी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के काम करने के तरीके में बदलाव आ रहा है। इसके बावजूद भारत का सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र निर्यात में वृद्धि दर्ज करने में सफल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में तकनीकी कौशल, नई डिजिटल सेवाओं और वैश्विक मांग के आधार पर इस क्षेत्र की दिशा तय होगी। भारत के लिए सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात में लगातार वृद्धि सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भूमिका को भी मजबूत करती है।

Related Articles

Back to top button