GST के कारण गैसकांड पीड़ित महिला को नहीं मिल रहा इंजेक्शन

GST के कारण गैसकांड पीड़ित महिला को नहीं मिल रहा इंजेक्शन

 

भोपाल। गैसकांड पीड़ित 52 साल की शारदा तोलानी करीब साल भर से दर्द से परेशान हैं। मांसपेशियों को आराम देने के लिए से हर छह महीने में बोटाक्स का इंजेक्शन लगता है, लेकिन साल भर से बीएमएचआरसी में ये इंजेक्शन नहीं है। बीएमएचआरसी प्रबंधन की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि जीएसटी के चलते इंजेक्शन खरीदी में दिक्कत आ रही है।

शारदा के बेटे पियूष तोलानी ने बताया कि मां के गर्दन की मांसपेशियों में खिचाव के चलते काफी तकलीफ होती है। बीएमएचआरसी के डॉक्टरों ने हर छह महीने में बोटाक्स इंजेक्शन (200 यूनिट) लगाने को कहा है, लेकिन बीएमएचआरसी में साल भर से इंजेक्शन नहीं मिल रहा है।

एक इंजेक्शन करीब 32 हजार रुपए में आता है। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन्हें पहले ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीएमएचआरसी की तरफ से कभी यह कहा जाता है जीएसटी के चलते रेट बढ़ गए हैं तो कभी बजट खत्म होने या फिर कोटेशन में रेट ज्यादा होने की हवाला दिया जाता है। इसकी शिकायत गैस राहत मॉनीटरिंग कमेटी से भी की थी। कमेटी ने बीएमएचआरसी प्रबंधन को पत्र लिखा था, पर इंजेक्शन नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि दूसरे मरीज भी इस इंजेक्शन के लिए परेशान हो रहे हैं।
Source:Agency

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