12वीं दो बार फेल, 13 बच्चों में सबसे छोटे… आज भारत के 25वें सबसे अमीर शख्स; ₹1.76 लाख करोड़ का साम्राज्य
‘किस्मत बहादुरों का साथ देती है।’ एक कागज की मार्कशीट आपकी काबिलियत तय नहीं कर सकती। भारत के 25वें सबसे धनी व्यक्ति डॉ. मुरली के. डी.वी. ने इसे सच साबित कर दिखाया है। एक समय था जब वे 12वीं की परीक्षा में फेल हो गए थे और उनके 13 भाई-बहनों वाले किसान परिवार को गुजारा करना मुश्किल होता था। लेकिन आज वे 1.76 लाख करोड़ रुपये की फार्मा कंपनी दिवीज लैबोरेटरीज के मालिक हैं। उनकी कंपनी अब विश्व स्तर पर दवा निर्माण सामग्री (एपीआई) का बिजनेस करती है और वैश्विक बाजार में सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी बन गई है। एक साधारण से गांव से 10 अरब डॉलर (83,000 करोड़ रुपये) के साम्राज्य तक का उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
डॉ. मुरली के. दिवी (Dr. Murali K. Divi), भारत की अग्रणी दवा कंपनी दिवीज लैबोरेटरीज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनका जन्म लगभग 1957 में आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले (मछलीपटनम के पास) के एक छोटे से गांव में हुआ था। वे एक साधारण किसान परिवार में 13 भाई-बहनों में सबसे छोटे थे और उनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था। उनके पिता दिव्य सत्यनारायण (दिवंगत) आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में एक जिला परिषद (जिला स्तरीय स्थानीय सरकारी निकाय) के सचिव के रूप में कार्यरत थे।





