भारत माता की जय’ के नारों के बीच सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक श्री अमृत मोहन प्रसाद का गौरवमयी विदाई समारोह

Amid the slogans of ‘Bharat Mata Ki Jai’, a glorious farewell ceremony of Director General of Border Security Force Shri Amrit Mohan Prasad was held

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक श्री अमृत मोहन प्रसाद ने 25वीं वाहिनी, एसएसबी, घिटोरी, दिल्ली में अपने सेवा जीवन के सफल समापन पर भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर एसएसबी के सभी वरिष्ठ अधिकारी, जवान, उनके परिवारजन और अन्य विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत और श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत में, श्री अमृत मोहन प्रसाद ने बल के 51 वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सम्मानित किया। इसके बाद, एक भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसमें एसएसबी के जवानों ने अनुशासन और जोश के साथ हिस्सा लिया। यह समारोह न केवल एक अधिकारी के सेवा समापन का प्रतीक था, बल्कि यह एक प्रेरणास्पद नेतृत्व की सराहना का भी अवसर था।

श्री अमृत मोहन प्रसाद का नेतृत्व: एक वर्ष में ऐतिहासिक सुधार

14 सितंबर 2024 को एसएसबी के महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, श्री अमृत मोहन प्रसाद ने बल के आधुनिकीकरण, संचालन दक्षता और जवानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में एसएसबी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी भूमिका को और भी प्रभावी बनाया और बल की मानवीय छवि को सुदृढ़ किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया।

नवाचार और जवानों का कल्याण

श्री अमृत मोहन प्रसाद के नेतृत्व में एसएसबी ने अपने कार्यों को अत्याधुनिक उपकरणों, निगरानी प्रणालियों और रणनीतिक दृष्टिकोण से सुसज्जित किया। जवानों के आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया गया। उन्होंने स्वयं जवानों के विभिन्न क़रीब स्थित ठिकानों का दौरा किया और उनकी समस्याओं का तत्परता से समाधान किया। इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक सहायता के तहत स्वास्थ्य शिविर, सामुदायिक कार्यक्रम, खेलकूद और शिक्षा के अवसर भी बढ़ाए गए।

महिला सशक्तिकरण और वीरता की परंपरा

महिला कर्मियों की संख्या और उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए श्री अमृत मोहन प्रसाद ने कई कदम उठाए। इसके साथ ही, शहीद जवानों के परिवारों की सहायता और सम्मान के लिए भी कई ठोस कदम उठाए।

विदाई संबोधन: प्रेरणा का संदेश

अपने विदाई संबोधन में श्री अमृत मोहन प्रसाद ने एसएसबी के जवानों के अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में उनका योगदान अनमोल रहेगा। उन्होंने अपने परिवार, गृह मंत्रालय, प्रशासनिक सहयोगियों और सभी एसएसबी कर्मियों का आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि एसएसबी भविष्य में भी राष्ट्र सेवा के अपने उद्देश्य को पूरी निष्ठा से पूरा करेगा।

समारोह का समापन

समारोह के समापन पर, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारों से स्थल गूंज उठा। श्री अमृत मोहन प्रसाद को बल की ओर से प्रतीक चिन्ह और ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया।

एसएसबी के आगामी भविष्य को लेकर विश्वास जताते हुए, श्री अमृत मोहन प्रसाद ने जवानों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी से निभाने का संदेश दिया।

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