रावण दहन कार्यक्रम के आयोजकों का बजट बिगाड़ा

रावण दहन कार्यक्रम के आयोजकों का बजट बिगाड़ा

 

 

भोपाल। जीएसटी का असर अब रावण पर भी दिख रहा है। जीएसटी के कारण लेबर से लेकर पुतले बनाने वाले सारे सामान महंगे हो गए हैं। जीएसटी के चक्कर में रावण दहन कार्यक्रम के आयोजकों का बजट गड़बड़ा गया है। वहीं, रावण बनाने वाले कारीगरों ने भी अपनी कीमतें बढ़ा दी हैं।

संवाददाता के अनुसार रावण के पुतलों का बाजार भी इस बार माल व सेवा कर जीएसटी की मार से बच नहीं पाया है। पुतला बनाने में काम आने वाली तमाम सामग्रियों के दाम बढ़ चुके हैं, जिससे पिछले साल की तुलना में लागत में काफी इजाफा हुआ है।

जीएसटी की वजह से रावण के पुतलों को बनाने की लागत 25 फीसदी तक बढ़ गई है। रावण के पुतले बनाने वाले कारीगर इससे संकट में आ गए हैं। पुतलों के ग्राहक उन्हें बढ़ी हुई लागत देने को तैयार नहीं है। मोलभाव बढ़ गया है, लिहाजा उन्हें इस बार अपना मुनाफा घट जाने की आशंका सता रही है।

कारीगरों का कहना है कि कील, बांस, कपड़े से लेकर पुतला बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली हर एक सामग्री महंगी हो गई है।

दशहरा पर हर साल मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के हाथों रावण का संहार होता है, लेकिन इस बार दशहरा से पहले ही जीएसटी ने रावण का काम तमाम कर दिया है। ऐसे में इस बार जहां रावण के पुतले के कद घट गए है तो वहीं मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों की डिमांड कम हो गई है।

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