टूरिस्ट के नाम पर संचालित बस में सवार मिले 190 मजदूर

🔴 एसडीएम ने की कार्रवाई, बस में मजूदरों को ठूंस-ठूंसकर ले जा रहे थे, जिम्मेदार विभाग बेखबर

✍️ दैनिक हमारा मैट्रो, बड़वानी

जिलेभर से अवैध रुप से मजदूरों को ले जाने वाली बसों का संचालन हो रहा है। टूरिस्ट के नाम पर चलने वाली यह बसें बेखौफ होकर जिलेभर से संचालित हो रही है। इसको लेकर जिम्मेदार परिवहन विभाग बेखबर नजर आ रहा है। परिवहन विभाग की अनदेखी के चलते इस तरह से मजदूरों से भरी ओव्हरलोडिंग बसों का संचालन धडल्ले से हो रहा है। गत दिनों हुई यातायात समिति की बैठक के मद्देनजर बुधवार एसडीएम घनश्याम धनगर ने एक स्लीपर कोच बस को पकड़ा।

टूरिस्ट परमिट पर अवैध तरीके से संचालित हो रही बस को जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में खड़ा करवाया है। एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि परी एंड मोगल टे्रवल्स नाम से चल रही यह स्लीपर कोच बस 190 से अधिक सवारी बैठाकर जिले से मजदूरों को ले जाकर दूसरे राज्यों में छोडने का कार्य कर रही थी। उन्होंने संबंधित टे्रवल्स कंपनी के अधिकारियों को आदेशित किया है कि वे बस से संबंधित दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करें, अन्यथा की स्थिति में अन्य कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। बता दें कि गत माह हुई जिला यातायात समिति की बैठक में निर्देशित किया था कि जिले के विभिन्न स्थानों से टूरिस्ट परमिट के आधार पर अवैध बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों में अमानवीय तरीके से मजदूरो को भरकर दूसरे राज्यों में छोड़ा जा रहा है। जिससे मजदूरों को अमानवीय परिस्थितियो में रहकर अपना गुजर-बसर करना पड़ता है।

🔴 जिम्मेदार विभाग बेखबर

जिला मुख्यालय सहित सिलावद, पलसूद आदि जगह से इस तरह की स्लीपर बसों में क्षमता से दो से तीन गुना तक सवारियों को ठूंसकर गुजरात राज्य की ओर ले जाया जा रहा है। टूरिस्ट के नाम से ऐसी बसों का संचालन लंबे समय से हो रहा हैं, इसको लेकर जिम्मेदार परिवहन विभाग नींद में सोया नजर आता हैं। हालांकि यातायात पुलिस द्वारा शहर के बाहरी मार्गांे पर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की जांच कार्रवाई की जाती हैं, लेकिन टूरिस्ट के नाम से ओव्हर लोडिंग बसों  पर कार्रवाई नहीं होती।

🔴 हो सकता हैं बड़ा हादसा

बता दें कि ओव्हरलोडिंग वाहनों से पूर्व में कई बार हादसे हो चुके है। बसों के पलटने से लोगों की जान गई है। हादसों के वक्त जिम्मेदार विभाग जागता हैं और औपचारिक कार्रवाई कर फिर कर्तव्य से दूर नजर आता है। वहीं जिले से टूरिस्ट के नाम पर संचालित इन बसों में मुख्य रुप से ग्रामीण अंचल के मजदूरों के गुजरात राज्य ले जाने का कार्य होता है। स्लीपर कोच बसों में भेड़-बकरियों की तरह लोगों को ठूंसकर बस तेज गति से दौड़ती है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

🔴 चुनाव सिर पर और मजदूर जा रहे बाहर

जिले में इस समय पंचायत चुनावों की सरगर्मी शुरु हो चुकी है। वैसे चुनावों को लेकर ग्रामीणों में जागरुकता का अभाव रहता है। इसलिए प्रशासन जागरुकता के अभियान चलाता है। वहीं वर्तमान में जारी पंचायत चुनावों के बावजूद जिले से बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों परिवार सहित दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा भी अब तक इनकी रोकथाम के प्रयास शुरु नहीं किए है।
जारी रहेगी कार्रवाई 
” एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर प्रारंभ की गई यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस प्रकार अवैध तरीके से संचालित हो रही बसों को तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। वहीं मोटर विकल्प एक्ट के तहत अन्य कठौरतम कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी ” 

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