छुकछुक के लिए निमाड़ वासियों की धड़कनें फिर हुई तेज

✍️इम्तियाज खान intu
बड़वानी। आजादी के बाद से रेल लाइन की राह तक रहे क्षेत्रवासियों की उम्मीदों की धड़कन एक बार फिर तेज हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खंडवा व्हाया खरगोन-बड़वानी व धार तक रेल लाइन सर्वे को मंजूरी दी है। साथ ही इसका टेंडर भी जारी हुआ है।  
बहुप्रतीक्षित रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी मिलने पर राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार माना। उन्होंने कहा कि खंडवा से धार खरगोन-बड़वानी रेल लाइन को वर्ष 2008-2009 के रेल बजट में नई रेल लाइन के सर्वेक्षण के लिए स्वीकृत किया था। इसकी सर्वे रिपोर्ट वर्ष 2010 में रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रस्तावित नवीन रेल लाइन खंडवा से धार व्हाया खरगोन-बड़वानी जिन चार जिलों से होकर गुजरती है। यह सभी मध्य प्रदेश सरकार ने घोषित आदिवासी जिले है।

राज्यसभा सांसद डॉ. सोलंकी ने बताया कि रेल लाइन की मांग के लिए उन्होंने भी प्रधानमंत्री व रेल मंत्री को पत्र सौंपे थे। अब स्वीकृति मिलना बड़ी उपलब्धि हैं। रेल लाइन से कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। यहां के किसान अपनी उपज देशभर में भेज सकेंगे। वहीं गुजरात के सरदार सरोवर सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न बांधो के बैक वाटर क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार जिलों के धार्मिक स्थलों का आवागमन गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जुड़ेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सड़क हादसों में कमी आएगी।

 

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