सीएम-सीएस लेंगे फीडबैक, 27 सितंबर को बुलाया भोपाल

सीएम-सीएस लेंगे फीडबैक, 27 सितंबर को बुलाया भोपाल

 

 

भोपाल। राजस्व से जुड़ी शिकायतों को शून्य पर लाने के लिए मुख्य सचिव के संभागीय दौरों के बाद अब कमिश्नरों को फीडबैक देना होगा। इसके लिए कमिश्नरों को 27 सितंबर को भोपाल बुलाया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह एक-एक कमिश्नर से मैदानी काम का ब्योरा लेंगे। वहीं, मुख्य सचिव 15 अक्टूबर के बाद एक बार फिर प्रशासनिक कसावट के लिए मैदानी दौरा करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव राजस्व अरुण पांडे ने संभागीय दौरा कर राजस्व मामलों की समीक्षा की थी। इसमें जिलेवार डायवर्जन और नजूल की लंबित वसूली, निजी भूमि पर अतिक्रमण के साथ अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के मामलों को निपटाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।

सभी राजस्व अधिकारियों को 15 नवंबर तक का समय दिया गया है। इस अवधि के बाद यदि अविवादित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे का कोई मामला बताता है तो उसे एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इस राशि की वसूली दोषी अधिकारी के वेतन से की जाएगी।

इन मामलों की समीक्षा अब जिला मुख्यालय पर जाकर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव राजस्व करेंगे। इसकी शुरुआत 15 अक्टूबर से होगी। इसके पहले 27 सितंबर को कमिश्नरों को भोपाल बुलाकर फीडबैक लिया जाएगा। मुख्यमंत्री भी उनसे मंत्रालय में बात करेंगे। दिनभर की बैठक में कमिश्नरों को संभागीय बैठकों के दौरान जो निर्देश दिए गए थे, उसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा।

सीमांकन में पहले आओ, पहले पाओ का फॉर्मूला होगा लागू

राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव अरुण पांडे ने बताया कि सीमांकन को लेकर ये शिकायत आम है कि आवेदन देने के बाद भी काम नहीं होता है। जो रसूखदार व्यक्ति हैं, उनका काम पहले हो जाता है। इस व्यवस्था को समाप्त करने के लिए पहले आओ, पहले पाओ का फॉर्मूला लागू किया जा रहा है। आवेदन का पूरा ब्योरा कम्प्यूटर में दर्ज रहेगा।

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