कर्नाटक से ठेकेदार के चंगुल से छुटकर खिले ग्रामीणों के चेहरे

-पुलिस प्रशासन की पहल पर 36 महिला-पुरुष व 19 बच्चों के दो समूह लौटे

इम्तियाज खान
बड़वानी। रोजगार की तलाश में गए मजदूरों को ठेकेदार ने बंधक बना लिया था। पाटी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मजदूरों को ठेकेदार के चंगुल से निकालकर सुरक्षित घर तक पहुंचाया। इससे मजदूर परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।
पाटी थाना प्रभारी आरके लववंशी ने बताया कि सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के 36 लोग रोजगार की तलाश में आदिवासी गन्ना कटाई जैसे कामों में कर्नाटक के दूर-दराज जिलों गए थे। जहां उन्हे शोषण और उत्पीडऩ का सामना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मजदूर पाटी तहसील के गांव कण्डरा, सेमली एवं उबादगड़ के है। जिन्हें कर्नाटक में ले जाया गया था और कर्ज के नाम पर बंधुआ मजदूर के रूप में 16-20 घंटे बिना हिसाब दिए और बिना मजदूरी के लगातार काम कराया जा रहा था। कर्नाटक में 36 महिला एवं पुरुष एवं कुल 19 बच्चे 2 समूह में अलग-अलग स्थानों पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। जब कर्नाटक में तीन मजदूर अपने काम का हिसाब मांगने गए तब उन्हे शक्कर कारखाने के गोदाम में 6 दिन के लिए बंद कर दिया गया था।
किसी प्रलोभन में नहीं आने की समझाईश दी
इसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी पार्टी आरके लववंशी ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला द्वारा कर्नाटक में फंसे मजदूरों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। एसपी ने कर्नाटक राज्य में संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। जिले के मजदूरों को सुरक्षित करने के प्रयास किए। एक ीम गठित की गई। जिसमें श्रम विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर वैधानिक कार्रवाई करते हुए कर्नाटक में फंसे मजदूरों को छुड़ाने के अथाह प्रयास किए। ठेकेदार कंपनी के मालिक से चर्चा कर फंसे मजदूरों को छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया। बड़वानी प्रशासन एवं पुलिस टीम बंधुआ मजदूरों को छुड़ाने में सफल हुई। उन्हें सुरक्षित कर्नाटक राज्य से बड़वानी जिले में पहुंचा कर सकुशल उनके परिजनों को सुपुर्द किया। साथ ही मजदूरों और उनके परिजनों को भविष्य में इस प्रकार के प्रलोभन में ना पढऩे की समझाइश दी।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com