112 साल बाद शाहजहां की मोहब्बत मुमताज के निजी महल में दिखेगी अलग खूबसूरती

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने शाहजहां की सबसे प्रिय बेगम मुमताज महल के लाल किला स्थित निजी महल का संरक्षण कार्य पूरा करा दिया है। अब भ्रमण करने के उद्देश्य से इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। संरक्षण कार्य 112 साल के बाद कराया गया है। इससे पहले 1907 के करीब संरक्षण कार्य कराया गया था। इसमें 1919 से संग्रहालय चल रहा था। फरवरी में इसके संरक्षण के लिए काम शुरू किया गया था।

लाल किले के दक्षिणी और पूर्वी कोने में बना है

लाल किले के दक्षिणी और पूर्वी कोने में स्थित यह महल सबसे खूबसूरत था। जिसे शाहजहां के रंगमहल के करीब बनाया गया था।

दीवारों और फर्श पर बेहतरीन नक्‍काशी

दीवारों और फर्श पर बेहतरीन नक्काशी की गई थी। बताया जाता है कि 1857 में जब अंग्रेजों ने लाल किला पर कब्जा कर लिया तो उन्होंने यहां बहुत तोड़फोड़ की। इसके बाद इसमें स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वालों को कैद कर रखा जाने लगा। बाद में जब देश की राजधानी को दिल्ली लाए जाने की योजना बनी तो लाल किला को फिर से ठीक किया जाने लगा।

1907 में हुआ सरंक्षण कार्य

इस महल में भी 1907 के करीब कुछ संरक्षण कार्य कराया गया। अब भी इस महल की कुछ दीवारों पर चित्रकारी मौजूद हैं और कुछ स्थानों पर कांच का काम दिखाई दे जाता है। शाम के समय यह महल अब रंग बिरंगी रोशनी से जगमगाता है।

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