IIT कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में पति-पत्नी समेत 3 ने लगाई फांसी

 कर्ज में डूबे परिवार के छत से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश के मामले के बाद अब दिल्ली के आईआईटी कॉम्प्लेक्स में दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पर तीन लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी। जान गंवाने वालों में पति-पत्नी और एक महिला है, जो पुरुष की मां बताई जा रही है। दंपती की इसी साल शादी हुई थी और पत्नी गर्भवती थी।

पूरे मामले की सूचना पुलिस को शुक्रवार रात लगभग 9.50 बजे मिली थी। फोन आईआईटी कॉम्प्लेक्स से आया था, जिसमें कहा गया था कि घर में पति-पत्नी फांसी के फंदे से लटके हुए हैं। मौके पर पहुंची तो तीन लोगों की मौत का पता चला।  बताया जा रहा है कि तीनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।

पुलिस मौके पर पहुंची तो मां और पत्नी की लाश अंदर कमरे में लटकी हुई मिली, जबकि पति गुलशन का शव बाहर था। दोनों की शादी फरवरी 2019 में हुई थी। पुलिस का कहना है कि जहरीला पदार्थ खाने के बाद तीनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मिली जानकारी के मुताबिक, पति गुलशन IIT में तकनीशियन था, तो उसकी पत्नी घरेलू महिला थी। बताया जा रहा है कि सुनीता गर्भवती भी थी।

यहां पर बता दें कि पूर्वी दिल्ली के जगतपुरी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां कर्ज से परेशान एक दंपती ने चार साल की बेटी के साथ मकान की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना में पति की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुरेश कुमार (34) के रूप में हुई है।

पत्नी मंजीत कौर (31) और बेटी तान्या का जीटीबी अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पत्नी के बयान से पता चला है कि सुरेश के पास नौ बैंकों के क्रेडिट कार्ड थे। इनके बिल का भुगतान नहीं कर पाने से आठ लाख रुपये कर्ज हो गया था। इसे चुकाने में सुरेश असमर्थ था। परेशान होकर परिवार ने यह कदम उठाया। मंजीत के बयान पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।

पंजाब के होशियारपुर का है परिवार
होशियारपुर, पंजाब निवासी सुरेश परिवार के साथ गली नंबर-5, न्यू गोविंदपुरा, जगतपुरी में रहता था। वह गुरुग्राम में निजी कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी करता था। करीब छह साल पहले मंजीत से उसकी शादी हुई थी। दोनों से करीब चार साल की एक बेटी है। सुरेश ससुर कुलवंत सिंह के मकान में भूतल पर रहता था। सुरेश का वेतन कम था और खर्च अधिक। इसी वजह से उसने नौ बैंकों से क्रेडिट कार्ड ले रखा था। वह वेतन से इनका बिल नहीं चुका पा रहा था। एक क्रेडिट कार्ड बंद होता तो वह दूसरा ले लेता था। इस तरह उस पर करीब आठ लाख रुपये का कर्ज हो गया। बिल भुगतान न कर पाने पर बैंक दबाव बना रहे थे। इससे वह परेशान था। रविवार रात को सुरेश ने पत्नी से आत्महत्या की बात की। आधी रात करीब तीन बजे सुरेश सोती हुई बेटी तान्या को लेकर चौथी मंजिल की छत पर जाने लगा। तभी पीछे-पीछे मंजीत भी चली गई। छत पर पहुंचकर वह बेटी को गोद में लेकर नीचे कूद गया। इसके बाद मंजीत ने भी पीछे से छलांग लगा दी। आवाज सुनकर कुछ पड़ोसी बाहर निकले तो तीनों खून से लथपथ पड़े थे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने तीनों को पहले हेडगेवार अस्पताल पहुंचाया। यहां से उन्हें जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सुरेश का शव उसके परिवार को सौंप दिया। बुधवार को मंजीत के होश में आने पर पुलिस ने उनका बयान दर्ज किया।

तीन दिन से मां-बेटी ने एक दूसरे को नहीं देखा
जीटीबी अस्पताल में मंजीत और तान्या अलग-अलग भर्ती हैं। तान्या हड्डी रोग विभाग में आइसीयू में है। उसके दोनों पैरों में फैक्चर था। इसका ऑपरेशन कर दोनों पैरों में रॉड लगाया गया है। मां मेडिसीन विभाग में हैं। उनके सिर में चोट आई है। इसकी वजह से उन्हें बार-बार उल्टी आ रही है। घटना के बाद मां-बेटी ने एक-दूसरे को नहीं देखा है। मंजीत के भाई गुरदीप सिंह अस्पताल में ही मौजूद हैं।

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