नागपुर मेडिकल कॉलेज में मरीज के खाने में मिला गोबर, फडणवीस ने दिए कार्रवाई के निर्देश

नागपुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में मरीज के खाने में गोबर और विधानभवन की कैंटीन में शाकाहारी खाने में चिकन मिलने का मुद्दा गुरुवार को राज्य की विधानसभा में उठा। विपक्ष ने इस मुद्दे पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया कि दोनों मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मामले बेहद गंभीर हैं। इन्हें देखते हुए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में खाद्य पदार्थों की जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जांचा जाएगा कि अस्पताल में मिलने वाला खाद्य पदार्थ तय मानकों के मुताबिक है या नहीं।

जांच के लिए गठित की गईं टीमें

मुख्यमंत्री ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और शुद्धता की जांच करने के लिए अतिरिक्त टीमें गठित की गईं हैं। इन्होंने प्रदेश भर में छापेमारी कर होटलों और ऑनलाइन खाद्य पदार्थ बेचने वाली कंपनियों के किचन की जांच की। इस दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं हैं जिस पर कार्रवाई की जा रही है।

एनसीपी ने इसे गंभीर मुद्दा बताया

एनसीपी के अजित पवार ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि विधानभवन की कैंटीन के शाकाहारी खाने में चिकन मिलना गंभीर मुद्दा है। जो लोग मांसाहार नहीं खाते हैं, उनके लिए इस तरह की चीजें बेहद पीड़ादायक होती है। यह लोगों की आस्था का मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि महाबलेश्वर और लोनावला के होटलों में की गई छापेमारी में भी खुलासा हुआ था कि स्वच्छता को नजरअंदाज कर खाद्यपदार्थ बनाए और परोसे जा रहे हैं। पवार ने कहा कि सरकार की तरफ से बताया गया है कि जांच में 80 फीसदी से ज्यादा बर्फ के नमूने दूषित हैं।

क्या है मरीज के खाने में गोबर मिलने का मामला?

कांग्रेस के विजय वडेट्टीवार के मुताबिक, नागपुर सरकारी मेडिकल कॉलेज के वार्ड तीन में भर्ती उमेश पवार नाम के मरीज के दाल चावल में गोबर मिला था। इतना गंभीर मामला होने के बावजूद शिकायत करने पर संबंधित अधिकारियों ने जांच का आश्वासन तक नहीं दिया।

HAMARA METRO

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