जल संकट – चेन्नई में सप्लाई के लिए 1 करोड़ लीटर पानी लेकर आएगी स्पेशल ट्रेन

जलसंकट से जूझ रहे चेन्नई की समस्या को खत्म करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने नई योजना बनाई है। मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने शुक्रवार को सरकार की बैठक के बाद बताया कि चेन्नई में 52.5 करोड़ लीटर प्रतिदिन पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन जिन 4 जलाशयों से पानी आता है, वे सूख चुके हैं। सरकार ने जोलारपेट्टई से रेलमार्ग द्वारा प्रतिदिन 1 करोड़ लीटर पानी लाने की योजना बनाई है। जोलारपेट्टई चेन्नई से 220 किमी दूर है।

चेंबराम्बक्कम झील समेत चेन्नई के आसपास स्थित चार झीलें सूख चुकीं

  1. केरल ने तमिलनाडु को रोज 20 लाख लीटर पानी भेजने की पेशकश की। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के कार्यालय की ओर से गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
  2. विजयन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ”हमारे प्रस्ताव के जवाब में तमिलनाडु ने कहा है कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में पानी है। ऐसे में केरल की अतिरिक्त मदद की जरूरत नहीं है।”  उधर, पलानीस्वामी ने कहा कि मैं मदद के लिए आगे आने पर केरल मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं। मैं जल्द ही उन्हें पत्र लिखूंगा।
  3. पानी की कमी से गेस्ट हाउस और स्कूलों के बंद होने की खबरों पर पलानीस्वामी ने कहा कि ये जानकारी गलत है। ऐसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे पानी की दो लॉरियां मिल रहीं हैं, ये कहना भी गलत है। मेरा बंगला काफी बड़ा है, यहां कई लोग मिलने आते हैं। यहां रहने वाला स्टाफ भी काफी बड़ा है, उन लोगों को भी पानी की जरूरत होती है।
  4. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेन्नई में पानी की कमी हो गई है। बारिश कम होने से चेंबराम्बक्कम झील समेत शहर के आसपास स्थित चार झीलें सूख चुकी हैं। भूजल स्तर में भी काफी गिरावट आई है। चेन्नई अथॉरिटी ने पेयजल की आपूर्ति 40% घटाई है। जिससे आईटी सेक्टर कंपनियों, होटलों और बहुमंजिला इमारतों में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
  5. तमिलनाडु के स्थानीय प्रशासन मंत्री एसपी वेलुमनी ने बताया कि केरल का प्रस्ताव पर सरकार शुक्रवार को विचार करेगी। चेन्नई को रोजाना 52.5 करोड़ लीटर पानी की जरूरत है।
  6. स्टालिन बोले- मदद के लिए केरल का शुक्रिया

    तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एमके स्टालिन ने ट्वीट किया, ”राज्य सरकार को केरल का प्रस्ताव मान लेना चाहिए। समय पर तमिलनाडु की मदद की पेशकश के लिए उनका आभार प्रकट करता हूं। सरकार को जनहित को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए।”

  7. प्राइवेट टैंकर मालिक 4000 रुपए तक वसूल रहे

    जल संकट का दूसरा कारण कर्नाटक के साथ चल रहा कावेरी विवाद भी है। फिलहाल, चेन्नई के करीब 46 लाख लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। दक्षिणी इलाके में लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए 3 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। प्राइवेट मालिक प्रति टैंकर 3000 रु. से 4000 रुपए तक वसूल रहे हैं। उसके लिए हफ्ते तक की वेटिंग है। उधर, मद्रास हाईकोर्ट ने भी पानी की समस्या को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

    HAMARA METRO

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