गुजरात में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज, कई जिलों में फिर भारी बारिश का अलर्ट

गुजरात के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। राज्य सरकार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों की टीमें प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल के दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया था, जबकि सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी शिविरों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं ताकि जलजनित और संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।

राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में पानी उतर चुका है, वहां तेजी से पुनर्वास कार्य शुरू किया जाए। क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कृषि विभाग भी फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है ताकि प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दक्षिण और मध्य गुजरात के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही वर्षा के कारण जलभराव और बाढ़ की स्थिति दोबारा गंभीर हो सकती है। इसलिए राहत एवं बचाव एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रखा गया है। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और स्थिति सामान्य होने तक राहत कार्य लगातार जारी रहेंगे।

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