भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लिए “पाकिस्तानी कश्मीर” शब्द के प्रयोग पर जताई कड़ी आपत्ति

भारत सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के संदर्भ में “पाकिस्तानी कश्मीर” शब्द के प्रयोग पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे तथ्यात्मक रूप से गलत, भ्रामक और भारत की संप्रभुता के विरुद्ध बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को किसी भी रूप में “पाकिस्तानी कश्मीर” कहना वास्तविक स्थिति को गलत ढंग से प्रस्तुत करता है।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, विदेशी मीडिया संस्थानों और वैश्विक संगठनों को ऐसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए, जो भारत की संवैधानिक स्थिति और ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत हों। भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारतीय भूभाग है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इसलिए इस क्षेत्र का उल्लेख “पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके)” के रूप में ही किया जाना चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत ने संबंधित पक्ष के समक्ष औपचारिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसी शब्दावली का प्रयोग नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि गलत शब्दों का इस्तेमाल न केवल भ्रम पैदा करता है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने वास्तविक स्थिति भी प्रभावित होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत लंबे समय से इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख रखता आया है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट, प्रकाशन या बयान में तथ्यात्मक त्रुटि होने पर तत्काल विरोध दर्ज कराता है। भारत का कहना है कि वर्ष 1994 में संसद द्वारा पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव के अनुसार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर सहित जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है।

भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वह इस संवेदनशील विषय पर सटीक और तथ्य आधारित शब्दावली का प्रयोग करे तथा भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान सुनिश्चित करे।

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