पंजाब सरकार शुरू करेगी ‘खेड़ पिटारा’ योजना, खेल-आधारित शिक्षा से निखरेगी नन्हें विद्यार्थियों की सीख

पंजाब सरकार ने प्राथमिक स्तर की शिक्षा को और प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए ‘खेड़ पिटारा’ (Khed Pitara) योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत सरकारी स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षण किट उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे पढ़ाई को खेल-खेल में समझ सकें। सरकार का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता को विकसित करने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ रचनात्मक गतिविधियां बेहद जरूरी हैं।

यह योजना Punjab Government के शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जाएगी। ‘खेड़ पिटारा’ में विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक खिलौने, पहेलियां, चित्र कार्ड, गणित एवं भाषा से जुड़े गतिविधि-आधारित उपकरण शामिल होंगे। इन सामग्रियों का उद्देश्य बच्चों में तार्किक सोच, रचनात्मकता, भाषा कौशल और गणितीय समझ को बढ़ावा देना है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सुझाए गए खेल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल के अनुरूप है। इसके माध्यम से कक्षा का माहौल अधिक आनंददायक और सहभागितापूर्ण बनेगा। शिक्षक भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, ताकि वे इन किटों का प्रभावी उपयोग कर सकें।

सरकार का कहना है कि ‘खेड़ पिटारा’ योजना से सरकारी स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति दर में भी सुधार होगा। अभिभावकों और शिक्षकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी।

पंजाब सरकार का यह प्रयास शिक्षा क्षेत्र में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में राज्य की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

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