Delhi: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ‘दीया जलाओ-पटाखे नहीं’ अभियान की शुरुआत की

Environment Minister Gopal Rai launches 'Light lamps - no firecrackers' campaign

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज ‘दीया जलाओ-पटाखे नहीं, अभियान की शुरुआत की।  इस अभियान की शुरुआत पर्यावरण मंत्री द्वारा सिविल लाइंस स्थित अपने घर में दीए जला कर की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए जन भागीदारी जरूरी‌ है। लोगों को दिए के साथ दीवाली मनाने की अपील करते हुए कहा कि ‘दिए जलाओ-पटाखे नहीं अभियान का उद्देश्य पटाखे जलाने से लोगों को रोकना है। साथ ही लोगों को दीये के साथ दिवाली मनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।  उन्होंने कहा कि दिवाली के अवसर पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण से दिल्ली की हवा काफी प्रदूषित हो जाती है और यह प्रदूषण बच्चों एवं बुजुर्ग के लिए बहुत ही घातक होता है। पर्यावरण विभाग द्वारा आज पटाखों पर प्रतिबंध के बारे में जन जागरूकता फैलाने के लिए ‘दिए जलाओ-पटाखे नहीं” कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण मंत्री के घर पर किया गया। आज यहां दिया जला कर इस अभियान की शुरुआत की गई है और लोगों को जागरूक करने का यह अभियान दीपावली तक चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए जनभागीदारी जरूरी है।
मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिवाली के अवसर पर पटाखे जलाने से प्रदूषण काफी बढ़ जाती है। इसीलिए पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री (ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिलीवरी सहित) तथा पटाखों को जलाने पर सरकार द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।  उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार सभी सम्बंधित विभागों के साथ मिलकर 15 सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान पर लगातार काम कर रही है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि आज से पटाखों के प्रदूषण रोकने के लिए ‘दीए जलाओ-पटाखे नहीं’ अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जिंदगी को बचाना और त्योहार मनाना जरूरी है। दीयो के साथ दिवाली मनाएंगे और दिल्ली को प्रदूषण से बचाएंगे। हम दिल्ली के लोगों और बच्चों से अपील करना चाहते हैं कि पटाखे नहीं, दीये जलाएं। इस मुहिम में रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), पर्यावरण मित्र और ईको क्लब सहित सभी दिल्लीवासियों को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने हिस्से के प्रदूषण को कम करने का प्रयास करना होगा। इसके लिए पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

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