चार दिन बाद भी नहीं मिला भारतीय वायु सेना का विमान AN-32

भारतीय वायु सेना का एयरकराफ्ट AN-32 को खोजने का मिशन आज गुरुवार को चौथे दिन भी जारी है। वायु सेना लगातार इसके लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है। विमान का पता लगाने के लिए सैटलाइट और अन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। आज एक बार फिर सुखोई -30, सी-130 जे और अन्य संसाधनों को सर्च ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

IAF AN-32 एयरक्राफ्ट में सवार अशीश तनवर का भी अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। अशीष की मां ने कहा कि मुझे मेरा बेटा चाहिए। अब पूरे चार दिन हो गए है और अभी तक कुछ नहीं हुआ है। मैं गृह मंत्रालय से गुहार करती हुं कि वह जल्द से जल्द इस मामले को देखें और जांच पड़ताल करें।

 

गौरतलब, है कि भारतीय वायुसेना का Antonov AN-32 विमान अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास स्थित मेचुका एयरबेस से पिछले कई दिनों से लापता है। विमान के गायब होने के बाद वायुसेना ने इसका पता लगाने के लिए सर्च अभियान चलाया था लेकिन, अब-तक इस विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस अभियान में वायुसेना के साथ थल सेना भी जुट गई है। स्थल के संभावित स्थान की कुछ जानकारी प्राप्त हुई थी। हालांकि, अभी तक किसी मलबे को नहीं देखा गया है।

 

भारतीय वायुसेना के अनुसार, वायुसेना ने लापता AN-32 विमान के खोज अभियान को और गति दी है। इलाके में मौजूद घने वनस्पती, घाटी और खराब मौसम के बाद भी खोज अभियान को विस्तार दिया गया। बताया गया कि वायु में मौजूद सभी सेंसर्स पर निगरानी रखी जा रही है और एयरक्राफ्ट की खोज को ग्राउंड टीम के साथ मिल अंजाम दिया जा रहा है।

बता दें कि इस विमान में 13 लोग सवार हैं। इस विमान से अंतिम बार 3 जून दोपहर 1 बजे संपर्क हुआ था। इस विमान में सवार लोगों में चालक दल के आठ सदस्य और पांच यात्री शामिल थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना के उप प्रमुख राकेश सिंह भदौरिया से बातचीत की और सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।