फिल्म आर्टिकल 15 के खिलाफ हुआ यूपी का ब्राह्मण समुदाय

बॉलीवुड. अनुभव सिन्हा की बहुप्रतीक्षित फिल्म आर्टिकल 15 विवादों में घिरती नजर आ रही है। फिल्म को लेकर यूपी के ब्राह्मणों में काफी गुस्सा दिखाई दे रहा है। यूपी की परशुराम सेना के सदस्य कौशल तिवारी ने कहा है कि अगर फिल्म बदायूं की घटना पर आधारित है तो आरोपी को ब्राह्मण में बदलने की क्या जरूरत थी, जाहिर है कि इसका उद्देश्य ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करना है।

पद्मावत जैसा विरोध करेंगे ब्राह्मण

  1. कौशल तिवारी ने कहा- यदि ठाकुर और राजपूत पद्मावत की रिलीज रोक सकते हैं, तो ब्राह्मण अपने सम्मान के लिए इस फिल्म के खिलाफ क्यों खड़े नहीं हो सकते। इसके लिए हम सोशल मीडिया पर एक कैम्पेन चलाने जा रहे हैं। जब मार्च-अप्रैल में फिल्म की शूटिंग लखनऊ में हो रही थी, तब हमें फिल्म की कहानी नहीं पता थी इसलिए हम इसका विरोध नहीं कर सके।

  2. फिल्म आर्टिकल 15 का ट्रेलर पिछले हफ्ते 30 मई को रिलीज हुआ है। इस फिल्म में आयुष्मान खुराना पुलिस ऑफिसर अयान रंजन की भूमिका में नजर आएंगे। बदायूं गैंग रेप केस और भारतीय संविधान के आर्टिकल 15 यानी समानता के अधिकार पर अनुभव सिन्हा ने यह फिल्म बनाई है। गौरतलब है फिल्म की ज्यादातर शूटिंग लखनऊ के आस-पास ही हुई है।

  3. बदायूं रेप केस की कहानी

    फिल्म की कहानी 2014 में दो बहनों के रेप और हत्या पर आधारित है। बदायूं के कटरा सआदतगंज गांव में दो दलित लड़कियों से गैंग रेप कर पेड़ से लटका दिया गया था, जबकि दिसंबर 2014 में सीबीआई ने इसे सुसाइड केस बताकर बंद कर दिया था। बदायूं केस में मुख्य आरोपियों के नाम पप्पू यादव, अवधेश यादव, उर्वेश यादव थे। जबकि इनके साथ दो पुलिस वाले छत्रपाल यादव और सर्वेश यादव भी आरोपी थे।

    HAMARA METRO

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