कोर्ट ने 2 हफ्ते तक वृद्धाश्रम में सेवा करने की सजा सुनाई

  • ट्रायल कोर्ट ने युवक को 2 दिन के कारावास और 2000 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी
  • इसके बाद नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए युवक ने इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी

नई दिल्ली. दिल्ली के एक कोर्ट ने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले में युवक को दो हफ्ते तक 7 घंटे रोजाना वृद्धाश्रम में सेवा करने की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सोनू अग्निहोत्री ने मंगलवार को ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए युवक को दोषी ठहराया। हालांकि, कोर्ट ने दो दिन के कारावास की जगह उसे समाज सेवा करने की सजा दी।

इसके साथ ही कोर्ट ने दो हफ्ते के बाद वृद्धाश्रम में सेवा करने की हर दिन की फोटो भी जमा करने के निर्देश दिए हैं। आश्रम के मैनेजर से उपस्थिति प्रमाणित करने के लिए कहा है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने युवक का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए थे।

युवक ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी

दोषी युवक एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। ट्रायल कोर्ट ने दो दिन के कारावास और 2000 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। साल ही लाइसेंस भी छह महीने के लिए रद्द करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जज अग्निहोत्री ने कहा कि युवक परिवार में अकेले कमाने वाला है। वह पहली बार नशे में ड्राइविंग करते हुए पकड़ा गया है, इसलिए उसके साथ नरमी दिखाई गई।

HAMARA METRO

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