जानें- क्यों उत्तराखंड के लड़के की 7 फीट से अधिक हो गई लंबाई, अब दिल्ली में चल रहा इलाज

वृद्धि हार्मोन-स्रावित ट्यूमर के कारण 16 वर्ष के किशोर की लंबाई सात फुट चार इंच तक पहुंच गई। लगातार बढ़ रही लंबाई से परेशान परिजन ने उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया, जहां सर्जरी के बाद उसके मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि में बने एक बड़े ट्यूमर को हटा दिया गया।

किशोर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का रहने वाला 12वीं का छात्र मोहन सिंह (16) है। हालांकि ट्यूमर का कारण अभी तक अज्ञात है। एम्स के चिकित्सकों के मुताबिक बच्चों में दुर्लभ स्थिति है। इसे एक्रोमेगाली (बच्चों में सूजन) कहा जाता है। इसमें पूरा शरीर या कुछ हिस्से सामान्य रूप से अधिक बड़े होते हैं। ज्यादातर एक्रोमेगाली ग्रोथ हार्मोन-स्त्रावित ट्यूमर के कारण होती है। ऐसे बच्चे दिखने में बड़े लगते हैं, लेकिन कमजोर होते हैं।

पिता महादेव सिंह ने बताया कि मोहन स्कूल जाने के लिए करीब 14 किमी तक पैदल चलता था। पिछले पांच माह से उसे चक्कर आने शुरू हो गए और सिरदर्द रहने लगा। स्थानीय डॉक्टर ने सीटी स्कैन और एमआरआइ की सलाह दी। स्कैनिंग में ट्यूमर का पता चला और बेहतर इलाज के लिए एम्स रेफर कर दिया।

एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ. पी शरत चंद्र ने बताया कि मोहन के एमआरआई स्कैन में मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि में एक बड़े ट्यूमर का पता लगा। जांच में पिट्यूटरी ग्रंथि में वृद्धि हार्मोन का असामान्य रूप से बहुत उच्च स्तर पाया गया। ट्यूमर को तीन सर्जन के साथ दो घंटे में हटा दिया गया।

ट्यूमर हटने के बाद ग्रोथ हार्मोन सामान्य स्तर पर आ गए हैं। साफ्ट टिश्यू और वजन में कुछ समय में गिरावट आएगी, लेकिन लंबाई समान रहेगी। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति की पिट्यूटरी ग्रंथि में ग्रोथ हॉरमोन सिकरेटिंग (जीएचएस) ट्यूमर विकसित होता है, तो वह लंबा होने लगता है।

मोहन के पिता के बताया कि वह सोच रहे थे कि मोहन की लंबाई सामान्य रूप से छह फुट तक हो जाएगी, लेकिन पिछले तीन-चार वर्षों में उसकी लंबाई लगातार बढ़ती गई। घर और वॉशरूम का नवीनीकरण करना पड़ा। उसके जूते मेरठ से विशेष तौर पर बनवाने पड़े। दिल्ली की सरोजनी नगर मार्केट से उसके लिए विशेष तौर पर बड़ी से बड़ी शर्ट बनवाने के ऑर्डर भी देने पड़े।