शिक्षकों को तीस साल की सेवा पूर्ण करने पर मिलेगा तीसरा समयमान वेतन

शिक्षकों को तीस साल की सेवा पूर्ण करने पर मिलेगा तीसरा समयमान वेतन

भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये 25 प्रतिशत पद आरक्षित होंगे
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए आयोग बनेगा
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा राज्य-स्तरीय समारोह में 67 शिक्षक सम्मानित

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों की होने वाली भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये 25 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जाएंगे। उनकी अलग परीक्षा होगी। शिक्षकों की भर्ती में खेल शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। विद्यालयों में खेल का पीरियड अनिवार्य होगा। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए आयोग बनाया जाएगा। तीस वर्ष का सेवाकाल पूरे करने वाले शिक्षकों को तीसरा समयमान वेतनमान दिया जाएगा। वरिष्ठता के आधार पर पद नाम में परिवर्तन किया जाएगा। शिक्षकों की वर्गीकृत व्यवस्था को एकात्म किया जाएगा। श्री चौहान ने आज राज्य-स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं की। यह समारोह लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर में आयोजित किया गया था।

गुरूजनों का योगदान अतुलनीय

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि गुरुजनों का योगदान अतुलनीय है। शिष्यों को शिक्षक द्वारा दिखाई गई सही राह जितनी जिदंगी बना सकती है, गलत राह उतनी ही बिगाड़ भी सकती है। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं। इसलिये शिक्षकों का चयन सावधानी से किया जाए। शिक्षण कला है जिसमें अंकों का नहीं पढ़ाने की तड़प का महत्व है। शिक्षक, शिक्षा को मिशन बना लेंगे, तब सुविधाओं, वेतन आदि का ध्यान नहीं आएगा, ऐसे शिक्षक ही राष्ट्र निर्माता का निर्माण करते हैं। उन्होंने शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुविधा विहीन दूरस्थ अंचलों के शिक्षक चमत्कार कर रहे हैं। मंडला, डिण्डोरी, धार जिलों और बैगा जनजाति के बच्चे आई.आई.टी., आई.आई.एम. में चयनित हो रहे हैं। सरकार द्वारा लेपटॉप दिये जाने की योजना में भी आधे से ज्यादा सरकारी स्कूलों के बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन जीने की कला शिक्षक सिखाता है। शिक्षक नया जीवन देता है। गुरु की महिमा से अनेकों ग्रंथ भरे हैं। उन्होंने एवजी शिक्षक की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी इक्का-दुक्का घटनाओं से पूरा शिक्षक समाज बदनाम होता है। मुख्यमंत्री ने आव्हान किया कि गलत लोगों को स्वयं समाज से बाहर कर दें। नये भारत निर्माण के अनुरूप भावी पीढ़ी के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध हों। शिक्षकों की सम्मानजनक जिन्दगी का पूरा इंतजाम किया जाएगा। सरकार ने शिक्षा के लिये 20 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है।

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