वैष्‍णो देवी से श्रद्धालुओं संग लौट रही बच्‍ची हो गई ‘गायब’, फिर ऐसा हुआ कि लगे माता के जयकारे

यहां कुछ ऐसा हुआ कि लोगों ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोए’ कहावत एक बार फिर सच साबित हुई। हुआ यूं कि उत्‍तर प्रदेश के हापुड़ के कुछ श्रद्धालु माता वैष्‍णो देवी के दर्शन कर ट्रक पर लौट थे। पठानकोट में माधोपुर के पास रावी दरिया के पुल पर जंप के कारण एक डेढ़ साल की बच्‍ची चलते ट्रक से सड़क पर गिर गई। परिजनों को इसका पता करीब 15 किलोमीटर दूर जाने पर चला। वे बच्‍ची को वापस ढूंढते हुए पहुंचे तो वह सही सलामत मिली। लोगों ने इसे माता वैष्‍णों देवी का चमत्‍कार माना और जमकर माता के जयकारे लगाए। बच्‍ची को सिर्फ एक खरोंच आई।

चलते ट्रक से गिरने के बाद भी बच्‍ची को बस एक खरोंच आई, माता वैष्णो के दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु

जानकारी के अनुसार, बच्‍ची पुल पर गिरी तो उसके चंद मिनट बाद हरियाणा के एक व्‍यक्ति कार से वहां से गुजर रहे थे। उन्‍होंने सड़क पर बच्‍ची को रोते हुए देखा तो रुके और उसे वहां से उठाया। बच्‍ची बिल्‍कुल सही सलामत थी और उसके सिर में बस एक खरोंच आई थी। ईश्‍वर सिंह बच्‍ची को लेकर पुलिस के पास पहुंचे और उसे सौंप दिया।

अपनी मां की गोद में डेढ़ साल की अर्शी।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गांव श्यामपुरा के लोग एक ट्रक में माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए कटड़ा आए थे। माता वैष्‍णों देवी के दर्शन करने के बाद वे कटड़ा पहुंचे और वहां से सभी लोग एक ट्रक में सोमवार तड़के वापस चले। सुबह करीब साढ़े छह बजे उनका ट्रक माधोपुर और लखपनुर बैरियर के बीच रावी दरिया पर बने पुल से गुजरा। पुल पर जंप लगते ही ट्रक के ऊपरी हिस्से में अन्य बच्चों के साथ सोई डेढ़ साल की अर्शी नीचे गिर गई।

माधोपुर में पुल पर जंप से गिर गई थी बच्ची, परिवार को 15 किलोमीटर आगे जाकर चला पता

माता वैष्णो देवी की यात्रा से लौटे ट्रक में सवार सभी लोग थकान के कारण सोए हुए थे। इस बीच कुछ मिनट बाद हरियाणा के ईश्वर सिंह कार से वहां पहुंचे तो पुल के बीच में बच्ची रो रही थी। ईश्वर भी साथियों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे थे। उन्होंने बच्ची को उठाया और माधोपुर पुलिस नाके पर पुलिस को सौंप दिया।

इस बीच ट्रक करीब 15 किलोमीटर दूर मलिकपुर के पास पहुंच तो, अर्शी के पिता अरुण कुमार ने देखा कि बच्‍ची को जहां सुलाया था वह वहां नहीं है। बच्ची की तलाश शुरू हुई, लेकिन किसी को कुछ पता नहीं चला। इसके बाद ट्रक वावस मोड़कर सभी बच्‍ची की तलाश करते चले। इसी दौरान एक जगह सुजानपुर थाने का फोन नंबर देखकर परिजनों ने संपर्क किया तो थाना प्रभारी दलविंदर शर्मा ने उन्हें वापस माधोपुर नाके पर बुलाया। वहां पुलिस ने बच्‍ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया।

माता-वैष्णो देवी के लगे जयकारे

बच्‍ची को पूरी तरह सु‍रक्षित देख परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने इसे माता वैष्णो देवी का चमत्‍कार बताया। श्रद्धालुओं ने कहा कि अर्शी को माता ने बचाया, अन्‍यथा चलते वाहन से सीधे सड़क पर गिर कर उसका पूरी तरह सुरक्षित रहना संभव नहीं था। लोगों ने वहां जमकर माता वैष्णो देवी के जयकारे लगाए।