बजट बनाने की तैयारी,5 जुलाई को पेश किया जाएगा

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2.0 ने अपना पहला बजट बनाने की तैयार शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय में 5 जुलाई को बजट की प्रस्तुति होगी। अब फाइनेंस मिनिस्ट्री विजिटर्स और मीडिया की सीमा से बाहर हो जाएगा क्योंकि यहां 2019-20 के वित्त वर्ष के लिए बजट बनाने की तैयारी हो रही है। देश में चुनावों से पहले लिमिटेड पीरियड के लिए सरकारी खर्च को अथॉराइज्ड करने के लिए 1 फरवरी को अंतरिम बजट प्रस्तुत किया गया था। अब सरकार बन चुकी है, जहां नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से एक पूरे साल के लिए बजट पेश किया जाएगा, क्योंकि घरेलू अर्थव्यवस्था को 5 सालों में सबसे खराब मंदी का सामना करना पड़ा है।

निर्मला सीतारमण की बजट टीम में वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर और चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन शामिल हैं। ऑफिशियल टीम का नेतृत्व फाइनेंस सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग, एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी गिरीश चंद्र मुर्मू, रेवेन्यू सेक्रेटरी अजय भूषण पांडे, डीआईपीएएम सेक्रेटरी अतनु चक्रवर्ती और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी राजीव कुमार कर रहे हैं।

पूरे बजट को गुप्‍त रखने के लिए नॉर्थ ब्लॉक को किले में की तरह सुरक्षित किया जाएगा और इलेक्ट्रॉनिक स्वीपिंग डिवाइस को लगाया जा रहा है और मिनिस्ट्री के अधिकतर कंप्यूटरों में प्राइवेट ई-मेल सर्विस ब्लॉक कर दी गई है। ‘क्‍वारैंटाइन’ पीरियड के दौरान मिनिस्ट्री के सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर सुरक्षा कर्मी रहेंगे, वहीं इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों को दिल्ली पुलिस की तरफ से हेल्प दी जाएगी जो बजट बनाने में शामिल अधिकारियों के कमरे में प्रवेश करने वालों की एक्टिविटी पर नजर रखेंगे।

59 वर्षीय जेएनयू की पूर्व छात्रा रही सीतारमण को धीमी अर्थव्यवस्था, एनबीएफसी में बढ़ती एनपीए और लिक्विडिटी क्राइसिस, जॉब क्रिएशन, प्राइवेट इंवेस्टमेंट, एक्सपोर्ट रिवाइवल, कृषि संकट जैसी दिक्कतों को दूर करना होगा और फिस्कल प्रूडेंस में बिना समझौता किए पब्लिक इंवेस्टमेंट को बढ़ाना होगा। नवनिर्वाचित 17 वीं लोकसभा का पहला सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। 2019-20 के लिए इकोनॉमिक सर्वे 4 जुलाई को पेश किया जाएगा और उसके अगले दिन बजट पेश किया जाएगा।

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