कैंसर नहीं था, लेकिन डॉक्टरों ने कीमोथैरेपी कर दी

  • सरकारी अस्पताल की लैब ने पहली रिपोर्ट में महिला को कैंसर होने की बात कही, दो हफ्ते बाद नकारा
  • केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने दिए मामले की जांच के आदेश, रिपोर्ट भी पेश करने को कहा

कोट्टयम. केरल के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक महिला को कैंसर बताकर उसकी कीमोथेरैपी कर दी। महिला की शिकायत के बाद केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने रविवार को कहा कि एक निजी लैब ने जांच रिपोर्ट में महिला को कैंसर होने की पुष्टि की थी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला की कीमोथैरेपी कर दी।

मावलिक्कारा की रहने वाली महिला ने बताया कि उसके सीने में गांठ थी। अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में 28 फरवरी को इलाज किया गया। उसका सैंपल जांच के लिए अस्पताल की निजी लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कैंसर होने की बात सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल कीमोथैरेपी शुरू कर दी।

दोबारा रिपोर्ट में कैंसर न होनी की बात सामने आई

दो हफ्ते के बाद अस्पताल की लैब से रिपोर्ट आई कि महिला को कैंसर नहीं है। इसके बाद कीमोथैरेपी रोक दी गई और महिला को जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। वहां सर्जरी कर सीने से गांठ हटाई गई। सैंपल रिपोर्ट को फिर से अस्पताल की लैब और तिरुवनंतपुरम के रीजनल कैंसर सेंटर में जांच की गई। दोनों की रिपोर्ट में महिला को कैंसर न होने की पुष्टि हुई।

महिला ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की

महिला ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री से की। उसने बताया कि कीमोथैरेपी किए जाने के बाद उसे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो रही हैं। मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।

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