Operation Bluestar की बरसी से पहले अमृृृतसर में मिले हैंड ग्रेनेड

अमृतसर। Operation Bluestar की बरसी से पहले पुलिस ने राजासांसी इलाके में दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इनका इस्तेमाल Operation Bluestar की बरसी के मौके पर किया जाना था। हैंड ग्रेनेड की बरामदगी से हड़कंप मच गया। पुलिस को खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला है कि आतंकी संगठन पंजाब में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। दो दिन पहले पुलिस ने दो आतंकियों को भी गिरफ्तार किया था। उन्होंने भी पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैँ। राज्य में हाई अलर्ट जारी किया गया हैैै।

बताया जा रहा है कि सुबह पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान राजासांसी क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार दो युवक जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो उन्होंंने मोटरसाइकिल की स्पीड तेज कर दी। इसकी दौरान पीछे बैठेे युवक के कंधे में टंगा बैग नीचे गिर गया। पुलिस ने जब बैग खोला को उसमें हैंड ग्रेनेड मिले। हैंड ग्रेनेड को जांच के लिए ले जाया गया है। वहीं, युवक किस तरफ फरार हुए इसके लिए आसपास के सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है।

बता दें, खुफिया इनपुट के बाद पुलिस ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के दो आतंकियों को अमृतसर और फिरोजपुर से गिरफ्तार किया था। यह दोनों आतंकी पंजाब में Operation Bluestar की बरसी पर बड़ेे आतंकी हमले की तैयारी में थे। दोनों आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की साजिश के तहत राज्य में सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने की फिराक में थे। दोनोंं सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तार आतंकियों में जगदेव सिंह और रविंद्रपाल सिंह शामिल हैं जो मलेशिया निवासी कुलविंदर सिंह उर्फ खानपुरिया के निर्देश पर स्लीपर सैल को धन और हथियार मुहैया करवाते थे। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल अमृतसर को सूचना मिली थी कि खानपुरिया ने पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने और सांप्रदायिक सद्भावना भंग करने के लिए एक विशेष समुदाय के नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई है। इस पर पुलिस ने जगदेव सिंह को अमृतसर में ऑटो एजेंसी के पास से गिरफ्तार किया। वह ऑटो एजेंसी में काम करता था। वहीं रविंद्रपाल को फिरोजपुर के गांव संदेहाशाम से गिरफ्तार किया।

आरोपितों ने उगले कई राज
बताया जा रहा है कि गिरफ्त में आए जगदेव सिंह और रविंदरपाल सिंह ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर में पहली रात में ही टूट गए। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल और देश की सुरक्षा में जुटी एजेंसियों के सामने आरोपितों ने कई राज उगले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी उक्त गिरफ्तारियों पर कुछ भी बताने से बचते रहे।

HAMARA METRO

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