मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन ने वायनाड के किसान आत्‍महत्‍या मामले में जांच के आदेश दिए

तिरुअनंतपुरम। केरल के मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन ने वायनाड के किसान आत्‍महत्‍या मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्‍हें इस बाबत कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पत्र लिखा था। पत्र में अनुरोध किया गया था कि कर्ज के कारण आत्‍महत्‍या करने वाले किसान वीडी दिनेश के मामले में जांच कराई जाए।

मुख्‍यमंत्री विजयन ने शनिवार को बताया कि उन्‍होंने डिस्‍ट्रिक्‍ट कलेक्‍टर से भी मामले की पूरी जांच कर रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है ताकि आगे कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्‍होंने बैंक को कर्ज चुकाने में असमर्थ किसानों के आत्‍महत्‍या मामले को संसद में उठाने पर जोर दिया।

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘राहुलजी, आपने 28 मई को एक पत्र लिखा था जिसमें वायनाड के किसान वीडी दिनेश कुमार की आत्महत्या की जांच करने और परिवार की आर्थिक मदद करने का अनुरोध किया था। जैसा कि आपको पता होगा कि केरल किसानों की मदद करने की कोशिश करता रहता है और हमने इस साल के आखिर तक उनसे राशि लेने पर रोक लगा रखी है।’

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जून के पहले हफ्ते में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से मिलने और उनका धन्यवाद करने वायनाड जाएंगे। केरल की इस लोकसभा सीट से रिकॉर्ड जीत के बाद यह उनका पहले दौरा होगा। जानकारी अनुसार राहुल गांधी की यात्रा एक जून से तीन जून के भीतर के बीच हो सकती है। राहुल के इस दौरे की जानकारी राज्य के नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला ने दी।

बता दें कि राहुल गांधी इस लोकसभा चुनाव में दो सीटों (अमेठी और वायनाड) से चुनाव लड़े थे। अमेठी से इस बार के सांसद को इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से करारी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहुल ने वायनाड सीट से 431,770 की रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की। राहुल को इस दौरान 706,367 वोट मिला, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पी.पी सूनर को 274,597 वोट हासिल हुआ।

25 मई को 53 वर्षीय दिनेश कुमार ने जहर खाकर आत्‍महत्‍या कर ली। उसके रिश्‍तेदारों का कहना है कि अधिक कर्ज होने की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया। 28 मई को राहुल गांधी ने किसानों द्वारा किए जा रहे आत्‍महत्‍या पर गहरा दुख जताया। साथ ही मामले की जांच और परिवार को आर्थिक मदद कराने का अनुरोध किया।

राहुल गांधी ने कहा, ‘दिनेशन का मामला एकमात्र ऐसा नहीं है, यहां काफी किसान हैं जो आत्‍महत्‍या जैसी राह अपना रहे हैं। इसे खत्‍म करने के लिए ठोस उपाय करने की जरूरत है।’

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