अरुण जेटली के इनकार के बाद अगला वित्त मंत्री कौन, यह जिम्मेदारी पीयूष गोयल को दी जा सकती है

अरुण जेटली ने स्वास्थ्य कारणों से साफ कर दिया है कि अब वह किसी मंत्रिपद की जिम्मेदारी नहीं उठाएंगे। ऐसे में वित्त मंत्री का पद किसे मिलेगा, इसे लेकर भाजपा में तो मंथन का दौर जारी ही है, आर्थिक विशेषज्ञ भी गुणा-भाग में लगे हैं। फिलहाल सत्ता के गलियारों से कयास उठ रहे हैं कि यह जिम्मेदारी पीयूष गोयल को दी जा सकती है। पूर्व में जेटली के अस्वस्थ होने पर वह पहले भी वित्त मंत्री का पद संभाल चुके हैं, गोयल ने ही मोदी सरकार का पिछला बजट पेश किया था। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पर भरोसा जता सकते हैं और उन्हें यह पद मिल सकता है।

गुरुवार को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री भी शपथ ग्रहण करेंगे। अब मोदी मंत्रिमंडल का खाका भी साफ होने लगा है। हालांकि, वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली ने एक खत लिख कर अपील की है कि उन्हें इस बार मंत्री न बनाया जाए। इसके लिए उन्होंने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया है। तबसे राजनीति के बाजार में यही चर्चा गर्म है कि अगला वित्त मंत्री कौन बनेगा। पीयूष गोयल का नाम इस दौड़ में सबसे आगे है, लेकिन इस दौड़ में और खिलाड़ी भी शामिल हैं।

गोयल नहीं तो और कौन?

सवाल यह भी है कि पीयूष गोयल नहीं तो और कौन? मोदी सरकार का पिछला बजट पेश कर चुके गोयल को नजरअंदाज करना पार्टी नेतृत्व के लिए मुश्किल होगा। हालांकि, यह तभी तक है जब कर पार्टी नेतृत्व खुद यह जिम्मेदारी उठाने न आ जाए। दरअसल, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के भी सरकार में आने के आसार हैं। ऐसे में यदि शाह खुद सरकार में आते हैं तो वह क्या जिम्मेदारी उठाएंगे? प्रधानमंत्री के बाद वित्त मंत्री का पद सरकार में बेहद अहम है। इन हालातों में अमित शाह भी वित्त मंत्रालय का ओहदा संभाल सकते हैं।

इन सबके बीच तीसरा नाम निर्मला सीतारमण का है। पिछली सरकार में रक्षा मंत्री रहीं सीतारमण का अगर मंत्रालय बदला जाता है तो उम्मीद है कि उन्हें वित्त मंत्रालय दिया जा सकता है। हालांकि, इसके आसार कम ही लग रहे हैं कि निर्मला सीतारमण का मंत्रालय बदला जाएगा। रक्षा मंत्री के रूप में सीतारमण का कार्यकाल अच्छा रहा है। जनता में निर्मला सीतारमण को लेकर अच्छी राय है। महिला शक्ति की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्रालय संभालकर उन्होंने एक तरह से मिसाल पेश की है।

हालांकि, ये कयासों का दौर है और कयासों का बाजार गर्म भी है। नाम कई सामने आ रहे हैं और सबके साथ अपने-अपने तर्क भी हैं। असल तस्वीर भी जल्द ही सबके सामने आ जाएगी। सात जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति भवन में शपथ लेंगे।