मोदी-शाह की बैठक में नए चेहरों पर चर्चा, 40% नए चेहरे होंगे शामिल

  • सहयोगी दल शिवसेना और जेडीयू के दो-दो नेता भी मंत्रिमंडल में हो सकते हैं
  • नरेंद्र मोदी 30 मई को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच नई सरकार के गठन को लेकर मंगलवार शाम को 5 घंटे बैठक हुई। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, 30 मई को प्रधानमंत्री मोदी के साथ 65 मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें 40% नए चेहरे शामिल होंगे। बैठक में अमित शाह के अलावा अकाली दल से हरसिमरत कौर और लोजपा के रामविलास पासवान समेत युवा नेताओं के नामों पर चर्चा हुई। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 542 में से 303 सीटें जीतकर बहुमत के साथ दोबारा सरकार बनाई। एनडीए को कुल 352 सीटें मिली थीं।

सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कई दिग्गज और मौजूदा मंत्रियों को दोबारा मौका न देकर नए चेहरों को तरजीह दी जाएगी। हालांकि, लोजपा से रामविलास पासवान और भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता मंत्री बने रह सकते हैं। सहयोगी दलों में शिवसेना और जेडीयू के दो-दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री दर्जा होने की संभावना है।

राजनाथ, गडकरी और सीतारमण को फिर मौका मिल सकता है
इस बार देश को नया वित्त, रक्षा और विदेश मंत्री मिल सकता है। भाजपा अध्यक्ष शाह को मोदी सरकार में बड़ा पद मिल सकता है। वरिष्ठ नेताओं में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, रवि शंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर और प्रकाश जावडेकर को फिर कैबिनेट में जगह मिल सकती हैं। सूत्रों की मानें तो अरुण जेटली पहले ही स्वास्थ्य कारणों के चलते मंत्री पद नहीं लेना चाहते हैं।

मंत्रिमंडल में 25% महिलाएं और 40% विशेषज्ञ हो सकते हैं
संसद के सेंट्रल हॉल में मोदी ने अपने भाषण में यह स्पष्ट कर दिया कि मंत्रियों के नामों के बारे में अटकलें लगाना फिजूल है। नई कैबिनेट का गठन तय मानकों पर ही होगा। इसमें 25% महिलाएं और 40% विशेषज्ञ हो सकते हैं। मोदी मंत्रिमंडल में पहले जिन मानकों को शामिल करते रहे हैं, उनमें वे प्रोफेशनलिज्म, महिला प्रतिनिधित्व, जातीय गणित, शहरी-ग्रामीण तालमेल, विशेषज्ञता, एससी-एसटी प्रतिनिधित्व और घटक दलों की सीटें, युवा एवं वरिष्ठता को प्रमुख तौर ध्यान रखते हैं।