इसके बाद पीएम मोदी सेफ हाउस से मंदिर तक के सफर में तीर्थ पुरोहितों से कुछ देर बातचीत की। इसके बाद वह मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। यहां करीब उन्‍होंने 17 मिनट तक बाबा केदार की पूर्जा अर्चना की। इसके बाद उन्‍होंने मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद वहां मौजूद तीर्थयात्रियों और स्‍थानीय लोगों का पीएम मोदी ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्‍वीकार किया। परिक्रमा के बाद पीएम को मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने शाल ओढ़ाया। इस मौके पर स्‍मृति चिह्न भी भेंट भी किया। इसके बाद पीएम मोदी ने केदारनाथ मंदिर के समीप चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों से संबंधित नक्‍शों का अवलोकन भी किया।

पीएम ने पहनी है गढ़वाली पोशाक

पीएम नरेंद्र मोदी ने गढ़वाली पोशाक पहनी हुई है। साथ ही सिर पर हिमाचली टोपी लगाए हुए हैं। पीएम मोदी ने कमर भगवा गमछा बांधा

मंदिर में चढ़ाया बाघाम्‍बर और अर्पित किया घंटा

पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम पर बाघाम्बर प्रि‍ंंट का अंग वस्‍त्र चढ़ाया है और घंटा भी अर्पित किया है। घंटे का वजन एक से डेढ़ क्विंटल का है। धर्म के जानकार बताते हैं कि जब किसी व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वह घंटे या घंटियां मंदिर में चढ़ाते हैं। कई बार लोग मन्नत मांगने के समय भी इस तरह का उपहार चढ़ाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कि‍या। उन्‍होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके बाद केदारनाथ स्थित एक गुफा में ध्यान भी लगाएंगे। रात्रि विश्राम भी वह केदारनाथ में कर सकते हैं। अगले दिन रविवार को वह बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीनारायण के दर्शन करेंगे और दोपहर बाद दिल्ली लौट जाएंगे।

उत्तराखंड से प्रधानमंत्री मोदी का खास लगाव है और केदारनाथधाम के प्रति उनकी अगाध आस्था है। एक दौर में नमो ने केदारनाथ के नजदीक ही गरुड़चट्टी में साधना की थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अक्सर केदारनाथ आते रहे हैं। केदारपुरी का पुनर्निर्माण उनके ड्रीम प्रोजक्ट में शामिल है। वह खुद इसकी मॉनीटरिंग करते आए हैं। इसका नतीजा ये हुआ कि 2013 की आपदा में तबाह हुई केदारपुरी अब नए कलेवर में निखर चुकी है। पिछली बार केदारनाथधाम के कपाट खुलने व बंद होने के अवसर पर वह मौजूद रहे थे।

इस मर्तबा लोकसभा चुनाव की आपाधापी के कारण वह केदारनाथ नहीं पहुंच पाए थे, मगर माना जा रहा था कि चुनाव से निबटने के बाद वह केदारनाथ आएंगे। पिछले कुछ दिनों से उनकी उत्तराखंड यात्रा को लेकर मशीनरी सक्रिय थी और अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बीते तीन दिनों में एसपीजी के साथ ही उत्तराखंड के आला अधिकारियों ने केदारनाथ और बदरीनाथ में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री रात्रि विश्राम केदारनाथ में कर सकते हैं। यदि मौसम प्रतिकूल रहा तो गौचर को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तैयार रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि 19 मई को प्रधानमंत्री बदरीनाथ जाएंगे। वहां दर्शन करने के बाद वह पहले जौलीग्रांट पहुंचेंगे और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

केदारनाथ में एसपीजी ने संभाला मोर्चा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर केदारपुरी में एसपीजी ने मोर्चा संभाल लिया है। केदारपुरी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शुक्रवार को एसपीजी के अधिकारियों ने केदारनाथ में सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मोदी इससे पहले 3 मई 2017, 20 अक्‍टूबर 2017 और 7 नवंबर 2018 को केदारनाथ आ चूके हैं। चौथी बार केदारनाथ पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केदारनाथ दौरे को लेकर शासन-प्रशासन तैयारियों में जुटा गया था। जिससे पीएम की सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई चूक न रह जाए, इसके लिए कार्यक्रम से पूर्व ही सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। डीएम व एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी एक सप्ताह से केदारनाथ में डेरा जमाए हुए हैं।