देहरादून – महिला मंच के 24वें स्थापना दिवस पर अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा

देहरादून – महिला मंच के 24वें स्थापना दिवस पर अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा

देहरादून – उत्तराखण्ड महिला मंच के 24 वें स्थापना दिवस पर आयोजित महिला संसद में महिलाओं व उत्तराखण्ड के जनमुद्दों पर चर्चा की गयी। नगर निगम के प्रांगण में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न भागों से पहुँची महिलाओं ने  भाग लिया। वक्ताओं ने राज्य के विभिन्न मुद्दों पर अपने अपने विचार रखे ।इस अवसर महिला मंच की टीम ने राज्य संघर्ष के दौरान गाये गए गीतों को प्रस्तुत किये व  परम्परागत उत्साही लोकगीत गाये गए व आज की व्यवस्था पर नाट्य मंचन किया गया तथा स्कूली बालिकाओं ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से ‘ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ‘ का सन्देश दिया।
महिला संसद में 30 महिलाओं ने भाग लिया । राजश्री रावत ने प्रदेश में दूरस्थ क्षेत्रो में स्वास्थ्य व्यवस्था की दयनीय हालत पर प्रकाश डाला । निर्मला बिष्ट ने राज्य में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने की बात की । उषा भट्ट ने मुजफ्फरनगर काण्ड व गैरसैण को स्थायी राजधानी बनाने की बात रखी।
महिला मंच की संस्थापक सदस्य कमला पंत ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिला मंच ने पिछले 23 वर्षो में महिलाओं और उत्तराखण्डी समाज के आम जन मुद्दों को समय समय पर उठाया है। उन्होंने उत्तराखण्ड में जनसंघर्षों को याद दिलाते हुए 24वें स्थापना दिवस पर उत्तराखण्ड में महिलाओं की एकजुटता संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा जब तक  राजसत्ता की ताकत को कमजोर करके जन सत्ता को मजबूती नहीं दी जाएगी तब तक महिला व आम जन हितों के संरक्षण किसी भी सत्ता या व्यवस्था द्वारा नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर 5 महत्वपूर्ण विषयों महिला हिंसा व  मुजफ्फरनगर  कांड , महिला और राजनीती , महिला और  शिक्षा , जल – जंगल और जमीन , स्थायी राजधानी गैरसैण पर गहन चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में भुनेश्वरी कठैत , गीता गैरोला , उषा भट्ट , शकुंतला गोसाँई , आशा जुगरान , अनीता नौटियाल , किरण पुरोहित , यशोदा रावत , प्रीती धपलियाल आदि महिलायें उपस्थित थी।

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