ईएसएएफ़ एसएफबी ने दिल्ली में परिचालन की शुरूआत की

ईएसएएफ़ एसएफबी ने दिल्ली में परिचालन की शुरूआत की

  • जमाराशि 1450 करोड़ रुपये के पार
    • मार्च, 2018 तक 145 नई शाखाएं खोलने की योजना

नई दिल्ली — ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने वाला केरल का पहला बैंक है, जो 19 दिसंबर, 2017 से देश की राजधानी दिल्ली में अपनी पहली शाखा के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। पूरे भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज करने के उद्देश्य से, ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक के पास अगले वर्ष मार्च तक कुल 145 बैंकिंग आउटलेट होंगे।

इस अवसर पर ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, श्री के. पॉल थॉमस ने कहा, “इस वर्ष मार्च के महीने से अपने परिचालन की शुरुआत करने के बाद से दिल्ली के करोल बाग इलाके में ईएसएएफ़ द्वारा खोला गया यह 63 वां आउटलेट है। ”

फिलहाल भारत के 10 राज्यों में ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक के 371 बैंकिंग आउटलेट हैं, जिनमें 62 नए रिटेल बैंकिंग आउटलेट शामिल हैं। आने वाले महीनों में, बैंक उन राज्यों में अधिक आउटलेट्स खोलने की योजना बना रहा है जहां हमने पहले से ही अपनी उपस्थिति दर्ज की है, साथ ही जल्द से जल्द हम पूर्वोत्तर भारत में भी अपने कार्य क्षेत्र का विस्तार करेंगे।

चर्चा को जारी रखते हुए श्री पॉल थॉमस ने कहा, “हम स्वयं को एक ऐसे ब्रांड के तौर पर स्थापित करना चाहते हैं जिसकी उपस्थिति पूरे भारत में हो, और इसलिए हमने सभी मेट्रो शहरों में अपनी शाखाएं खोलने का निर्णय लिया है। हम कलकत्ता के बाद चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद और मुंबई जैसे अन्य महानगरों के साथ-साथ दिल्ली में तीन अन्य स्थानों – पश्चिम विहार, रोहिणी और लाजपत नगर में नए आउटलेट खोलने की योजना बना रहे हैं।”

अब तक, बैंक ने अपने परिचालन के आठ महीनों के भीतर 1450 करोड़ रुपये की जमाराशि का आंकड़ा पार कर लिया है। इस वित्त-वर्ष के अंत तक जमाराशि के 2500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इस वित्त-वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में, ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक का संचयी व्यवसाय 6,000 करोड़ रुपये का था।

बैंक एटीएम, डेबिट कार्ड, सेफ डिपॉजिट लॉकर्स, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एसएमएस बैंकिंग, आरटीजीएस, एनईएफटी, सीटीएस जैसी कई आधुनिक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराता है। बैंक को भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) के तहत, भारत बिल पेमेंट ऑपरेटिंग यूनिट (बीबीपीओयू) के रूप में आरबीआई की सैद्धांतिक रूप से अनुमति प्राप्त हुई। घर तक वितरण सेवाओं की उपलब्धता, शाखाओं में स्काईप की सुविधा और हृदया जमा योजना, ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कुछ विशेष सुविधाओं में शामिल है।

हृदया जमा योजना, जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि यह सामाजिक कल्याण से जुड़ा है, जिसके माध्यम से ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों को पिरामिड के तल पर मौजूद लोगों के आर्थिक विकास में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है, जो ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक की एक अनूठी पेशकश है।

वर्ष 1992 के बाद से ही एक वित्तीय संस्थान के तौर पर ईएसएएफ़ ने भारत के 10 राज्यों में 1.9 मिलियन परिवारों के जीवन में बदलाव लाया है, जिसके अंतर्गत केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, पांडिचेरी और झारखंड शामिल हैं। लघु वित्त बैंक की स्थापना के लिए अक्टूबर 2015 में आरबीआई से सैद्धांतिक रूप से स्वीकृति प्राप्त हुई थी, और 10 मार्च, 2017 को बैंक ने अपना परिचालन प्रारंभ किया।

बेहद कर्मठ और समर्पित कर्मचारियों के समूह के साथ बैंक के 370 से अधिक आउटलेट देश के लगभग 10 जिलों में मौजूद हैं। बैंक की विकासात्मक गतिविधियों का दायरा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, संवहनीय ऊर्जा तथा विभिन्न माध्यमों से ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्रों में विस्तृत है।

 

ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक के बारे में

ईएसएएफ़ की यात्रा, वर्ष 1992 में त्रिशूर में ‘लिटिल’ नामक एक छोटे से घर में शुरू हुई थी। इस नाम के विपरीत, ईएसएएफ़ सोसाइटी को गरीबों और समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन में संवहनीय एवं समग्र बदलाव लाने के एक बड़े दृष्टिकोण से लॉन्च किया गया था। बांग्लादेश में ग्रामीण बैंक की सफलता ने श्री के. पॉल थॉमस, संस्थापक और ईएसएएफ़ के अध्यक्ष, को इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्ष 1995 में उन्होंने माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट (एमईईडी) सेवाओं का शुभारंभ किया और इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2008 में ईएसएएफ़ माइक्रोफाइनांस एंड इंवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना हुई। श्री पॉल थॉमस, संस्थापक, के अनुसार माइक्रोफाइनेंस की दिशा में अधिक प्रयास किया जाना आवश्यक था और वह गरीबों के समग्र आर्थिक विकास में वित्तीय घटक के महत्व को अच्छी तरह समझते थे। धीरे-धीरे, ईएसएएफ़ माइक्रोफाइनांस ने भारत के शीर्ष दस माइक्रोफाइनेंस संस्थानों में अपना स्थान बनाया।

वर्ष  2015 में, देश में वित्तीय क्षेत्र के विनियामक भारतीय रिजर्व बैंक ने ईएसएएफ़ माइक्रोफाइनेंस को लघु वित्त बैंक की शुरुआत करने के लिए सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की। ईएसएएफ़ माइक्रो फाइनेंस, निजी क्षेत्र में लघु वित्त बैंक की स्थापना के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से ‘सैद्धांतिक अनुमोदन’ प्राप्त करने वाले संस्थानों में से एक था। नवंबर 2016 में, आरबीआई की ओर से अंतिम रूप से लाइसेंस जारी किया गया। ईएसएएफ़ स्मॉल फाइनेंस बैंक को 05 मई, 2016 को त्रिशूर में अपने पंजीकृत कार्यालय के साथ निगमित किया गया।

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