कांदिवली में दीवाली हुई काली  प्रेमिका की बेवफाई से परेशान प्रेमी ने फांसी लगाई 

 कांदिवली में दीवाली हुई काली  प्रेमिका की बेवफाई से परेशान प्रेमी ने फांसी लगाई

          जितेंद्र शर्मा मुंबई।प्रेमिका के प्यार में पागल हुए दीवाने ने प्रेमिका की बेवफाई के चलते दीपोत्सव के दौरान फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।जिससे क्षेत्र में मातम पसर गया।इसके चलते परिवारजनों व स्थानीय लोगो की हंसती खेलती दीपावली का दिया बुझ गया और उनका दीपोत्सव काली दिवाली में तब्दील हो गया।
        प्राप्त जानकारी अनुसार कांदिवली पूर्व गोकुल नगर स्थित जय भवानी चाल निवासी श्रवण चौबे(उम्र-27) ग्रेजुएट की पढ़ाई पूर्ण कर एक निजी बैंक द्वारा  लोन दिलाने का कार्य करता था।करीबन गत 6 वर्षो से उसका एक लड़की से अफेयर था ।वह उस लड़की से दिलो-जान से प्यार करता था।इस दौरान लड़की किसी दूजे लड़के के प्यार में पड़ गई।इस बेवफाई की खबर श्रवण बर्दास्त नही कर पाया।आत्महत्या करने के पूर्व श्रवण ने अपनी प्रेमिका से काफी देर तक व्हाट्सएप पर चैट किया था और अपने बेइंतहा प्यार का इजहार करते हुए अपने दिल की बात बताने के साथ ही खुदखुशी करने की जानकारी दी।हालांकि लड़की अगर थोड़ा समजधारी देखती व किसे लड़के के दोस्त को यह बॉत कि चर्चा की होती तो शायद श्रवण की जान ना जाती।किंतु बेवफाई से टूट चुका श्रवण का प्यार पर से भरोसा पूरी तरह से उठ चुका था।उसने अपने घर मे फांसी लगाकर दुनिया को सदा के लिए अलविदा कह दिया।कुरार पुलिस थाने में मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल हेतु पुलिस ने श्रवण का मोबाइल जब्त कर लिया है।आगे की जांच कुरार पुलिस पीएसआई हनुमंत मिटके कर रहे है।
आत्महत्या के ऐसे मामलों में मनोवैज्ञानिक डॉक्टर धनंजय गम्भीरे ने हमारा मेट्रो के संवाददाता से बातचीत में बताया कि युवा अवस्था मे जो युवा अपने पारिवारिक जनों से अधिक घुलता-मिलता नही है या भावनात्मक लगाव-जुड़ाव कम है,ऐसे लोग परिस्थिति के आगे बेहद जल्दी टूट जाते है और आत्महत्या जैसे कायराना कदम उठा लेते है।परिवार में कम्युनिकेशन गैप आत्महत्या की सबसे बड़ी वजहों में से एक है।इसकी रोकथाम का सबसे उपयुक्त उपाय यह है कि परिजन युवाओ पर विशेष ध्यान दे।अधिक समय व प्यार उन पर न्योछावर करे।उनके साथ भावनात्मक संबंध प्रगाढ़ करने हेतु दोस्ताना अंदाज में खुल कर वार्तालाप करे और सही गलत का अंतर भी समझाए,समय- समय पर दोस्तो की तरह योग्य सलाह  दे।।यदि परिवार में उन्हें अच्छा माहौल व बेतहासा प्यार मिलेगा तो वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने आप को संभाल लेंगे व हाइकोर्ट के अधिवक्ता कमलेश यादव ने बताया कि इस तरह की घटनाएं परिवार के सूझ बूझ व सोसाइटी की समजदारी से रोका जा सकता है

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