महामना एक्सप्रेस की लेटलतीफी का कारण

 महामना एक्सप्रेस की लेटलतीफी का कारण

 

 

भोपाल। भोपाल और खजुराहो के बीच चल रही महामना एक्सप्रेस को समय पर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। ये ट्रेन हर दूसरे दिन एक से तीन घंटे की देरी से भोपाल और खजुराहो पहुंच रही है। इससे यात्री परेशान हैं और एक बार सफर करने के बाद दूसरी बार ट्रेन में बैठने से बच रहे हैं। ये नौबत ट्रेन के लिए एक रैक होने के कारण बन रही है, क्योंकि ट्रैक खाली नहीं मिलने, इंजन से मवेशी टकराने और स्टेशनों पर चेन पुलिंग के चलते ट्रेन अकसर देरी से चल रही है।

बता दें कि इस ट्रेन के लिए एक ही रैक है। इसलिए जब तक यह ट्रेन अपने प्रारंभिक स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक नहीं पहुंच जाती, तब तक वहां से लौटने वाली ट्रेन को नहीं चला सकते। यदि दूसरा रैक होता तो ट्रेन को समय पर चलाया जा सकता है।

आधुनिक चेयरकार सीटिंग रैक वाली इस ट्रेन को तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 13 जुलाई को नई दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए हरी झंडी दिखाई थी। इस ट्रेन का भोपाल से चलने का समय सुबह 6.50 बजे है, जो हर दूसरे, तीसरे दिन एक से दो घंटे की देरी से चलती है। इस कारण खजुराहो दोपहर 1.30 बजे की जगह 3 से 4 बजे पहुंचती है। इस तरह ट्रेन का समय गड़बड़ा जाता है और खजुराहो से शाम 4.15 बजे चलने की जगह देरी से चलती है।

बीच में ट्रेन को ट्रैक खाली नहीं मिलने के चलते रोक लिया जाता है। कई बार इंजन की चपेट में मवेशी आने और चेन पुलिंग के कारण भी ट्रेन लेट होती है। एक सप्ताह पहले खजुराहो से लौटते समय टीकमगढ़ के पास ट्रेन के इंजन से मवेशी टकरा गया था। इसके चलते इंजन का एयर ब्रेक पाइप फट गया। इसके चलते ट्रेन को दूसरे इंजन से रात 10.55 बजे की जगह रात 3 बजे भोपाल पहुंची। अगले दिन फिर ट्रेन सुबह 6.50 बजे की जगह 10 बजे खजुराहो स्टेशन के लिए रवाना हुई, जो रात 8 बजे पहुंची। इस तरह एक सप्ताह तक ट्रेन देरी से चली।

विदेशी पर्यटकों के बीच गलत संदेश जाएगा

भोपाल से खजुराहो के बीच कई विदेशी पर्यटक सफर करते हैं। जिनके बीच इस ट्रेन को लेकर गलत संदेश जाएगा, क्योंकि बोगियों की अंदरूनी डिजाइन में कमियां हैं। रेलवे को ध्यान देना चाहिए – श्याम शंकर, यात्री

ट्रेन में 6 घंटे बीताना मुश्किल

ट्रेन समय पर चले तो भोपाल से खजुराहो के बीच का सफर 6 घंटे 30 मिनट में पूरा हो जाएगा, लेकिन सीटों के बीच कम दूरी और सीटों की बनावट में कमियों के कारण मोटे और लंबे यात्रियों के लिए बैठना मुश्किल हो रहा है – अनुपमा सोनी, महिला यात्री

रेलवे को यह करना चाहिए

– ट्रेन को समय पर चलाने दूसरा रैक तैयार करें। ताकि एक तरफ से आने वाली ट्रेन देरी से आएं तब भी दूसरी तरफ से जाने वाली ट्रेन को समय पर चलाया जा सके।

– यात्री ट्रेन के समय में बदलाव चाहते हैं। यात्रियों के मुताबिक ट्रेन को सुबह खजुराहो से भोपाल के लिए चलाया जाए और शाम को भोपाल से खजुराहो के लिए।

– यात्रियों की शिकायत के अनुसार ट्रेन के अंदर सीटों की बनावट और दो सीटों के बीच दूरी को बढ़ाया जाए।

Source:Agency

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