कार्तिक मास शुरू, ध्यान रखें ये बातें, मिलता है विशेष पुण्य

हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास में दीपदान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने गंगा नदी में एक महीने तक दीपदान किया जाता है। इससे पुण्य लाभ मिलता ही है साथ ही हर मनोकामना भी पूरी होती है।

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हिन्दू धर्म में तुलसी का पूजन और सेवन दोनो ही काम को महत्वपूर्ण माना गया है, लेकिन कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करने से इसका लाभ कई गुना बढ़ जाता है।
कार्तिक महीने में जमीन पर सोने को अच्छा माना गया है। भूमि पर सोने से मन में अच्छे विचार आते हैं और मन के दूषित विकार दूर भाग जाते हैं। जो भी व्यक्ति कार्तिक के पूरे महीने भूमि पर सोता है, उसके जीवन से विलासिता दूर होती है और सादगी आती है।
कार्तिक के पूरे महीने गंगा नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। अगर संभव हो तो आंवले के फल और तुलसी दल को जल  स्नान किया जाय तो इसका विशेष फल प्राप्त होता है।
कार्तिक मास में उड़द, मूंग, मसूर, चना, मटर, राई आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस महीने शरीर पर तेल की मालिश करना वर्जित माना जाता है केवल नरक चतुर्दशी को शरीर पर तेल लगाना चाहिए।

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