हनीप्रीत ने उगले कई राज, पढ़ें 40 सवालों के जवाब !

हनीप्रीत ने उगले कई राज, पढ़ें 40 सवालों के जवाब !

 

चंडीगढ़: डेरा प्रमुख की अहम राजदार हनीप्रीत इंसां ने महज 24 घंटे के अंतराल में ही हरियाणा पुलिस की एस.आई.टी. के समक्ष कई सवालों का जवाब दे दिया है।

हनीप्रीत ने माना है कि वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए डेरे के कई लोगों से लगातार संपर्क में थी और इस बीच पुलिस से फरार चल रहे प्रवक्ता आदित्य इंसां और पवन इंसां से भी उसका संपर्क हुआ। इसके अलावा हनीप्रीत ने अपनी फरारी के 38 दिन का सच भी पुलिस को सिलसिलेवार बताया। उसने कहा कि वह देशद्रोही नहीं है बल्कि खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपना ठिकाना बदलती रही।

हालांकि बुधवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश होने तक हनीप्रीत खुद को मानसिक तौर से ठीक नहीं कर पा रही थी और वह कोर्ट रूम में भी रोती रही। फिलहाल 6 दिन के रिमांड में एस.आई.टी. के अफसर हनीप्रीत से 40 अहम सवालों के जवाब मांगेंगे। एस.आई.टी. टीम उसको लेकर सिरसा व अन्य स्थानों पर जाएगी। पुलिस उसके मोबाइल की कॉल डिटेल के जरिए उसे संरक्षण देने वालों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

एस.आई.टी. के 4 अफसरों ने हनीप्रीत से किए ये 40 सवाल
हरियाणा पुलिस की एस.आई.टी. में शामिल आई.जी. ममता सिंह, पुलिस कमिश्नर ए.एस. चावला सहित 4 अफसरों ने हनीप्रीत से करीब 40 सवाल-जवाब किए।

सवाल: पंचकूला में डेरा प्रमुख को कोर्ट से भगाने का प्लान क्या था?
जवाब: ऐसा कुछ नहीं था।

सवाल: पंचकूला में दंगा फैलाने के लिए कोड क्या था?
जवाब: दंगे की बात गलत है, कुछ शरारती तत्वों ने दंगा भड़काया होगा।

सवाल: डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद हाथ में जो सूटकेस था, उससे क्या इशारा किया गया?
जवाब: ये गलत अफवाह है, सूटकेस में मेरा सामान था।

सवाल: रोहतक की सुनारिया जेल के बाद आप डेरे के सिरसा मुख्यालय में क्यों गई?
जवाब: सिरसा मैं काम से गई थी।

सवाल: फरारी के दौरान 38 दिनों तक कहां थी?
जवाब: जहां मैंने खुद को सुरक्षित समझा, वहीं पर रुकी थी। हरियाणा के कई स्थानों के अलावा राजस्थान, पंजाब और दिल्ली के कई स्थानों पर ठहरी थी।

सवाल: इन 38 दिनों में आपने कहां-कहां पनाह ली और किन लोगों ने मदद की?
जवाब: यह मैं नहीं बता पाऊंगी, मेरी स्थिति ठीक नहीं थी।

सवाल: व्हाट्सएप कॉल के जरिए किन-किन लोगों से बातचीत हुई?
जवाब: व्हाट्सएप कॉल के जरिए कई लोगों से बातचीत हुई थी।

सवाल: अग्रिम जमानत याचिका के लिए दिल्ली कौन ले गया?
जवाब: मैं अपने जानकार वकील के साथ गई थी।

सवाल: डेरा प्रमुख की ओर से बनाई गई फिल्मों में लगे पैसे किसके हैं?
जवाब: मुझे नहीं पता।

सवाल: डेरे में इतनी अकूत संपत्ति कहां से आई?
जवाब: मुझे जानकारी नहीं है।

सवाल: डेरे की गुफा का राज क्या है?
जवाब: कोई राज नहीं है, अफवाह है।

सवाल: कनाडा-दुबई में कितनी संपत्ति है?
जवाब: मुझे नहीं पता।

सवाल: फिल्मों में पैसा कहां से आता था?
जवाब: मुझे जानकारी नहीं है।

सवाल: डेरे की गुफा में किसका आना-जाना था?
जवाब: मुझे नहीं पता।

सवाल: डेरा प्रमुख पर यौन शोषण का जो आरोप हैं, उसमें क्या सच्चाई है?
जवाब: पिता जी पर लगे आरोप गलत हैं, इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

सवाल: डेरा प्रमुख के साथ आपके रिश्ते क्या हैं?
जवाब: वह मेरे पिता हैं। लोग बाप-बेटी के रिश्ते को गलत तरह से उछाल रहे हैं।

सवाल: डेरे के कुर्बानी गैंग का सच क्या है?
जवाब: कोई कुर्बानी गैंग नहीं है यह गलत प्रचार है।

सवाल: डेरे में हथियारों का जखीरा होने का मामला क्या है?
जवाब: ऐसा कुछ नहीं है।

सवाल: डेरे में गाड़ी जलाने का राज क्या है?
जवाब: मुझे नहीं पता।

सवाल: डेरे में नर कंकाल की सच्चाई क्या है?
जवाब: यह मनगढं़त प्रचार है।

सवाल: पंजाब-हरियाणा के ड्रग्स कारोबारियों से आपको किस तरह का खतरा है?
जवाब: डेरे में नशा छुड़ाने का काम किया जाता है, जिसके कारण ड्रग्स कारोबारी डेरे के लोगों को टार्गेट करते हैं।

सवाल: राम रहीम का आखिरी मैसेज क्या था?
जवाब: पिता जी को न्याय पर पूरा भरोसा है और वह पाक साफ होकर लोगों के सामने आएंगे।

सवाल: डेरे के प्रवक्ता आदित्य इंसां से आखिरी बार कब बात हुई?
जवाब: मुझे याद नहीं है।

सवाल: क्या आपको पुलिस रेड की जानकारी पहले मिल जाती थी?
जवाब: ऐसा कुछ नहीं है। मैं तो खुद डरी हुई थी और डर कर मैं इधर-उधर भागती रही।

सवाल: सुनारिया जेल से बाहर निकलने पर पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया?
जवाब: मैंने कोई अपराध नहीं किया था।

सवाल: पंचकूला में दंगा करवाने के लिए कितने रुपए भेजे गए थे?
जवाब: गलत प्रचार है।

सवाल: डेरे की 45 सदस्यीय कमेटी के लोगों का रोल क्या था?
जवाब: मुझे नहीं पता।

सवाल: पंचकूला हिंसा में अहम रोल किसका था?
जवाब: ऐसा कुछ नहीं है।

सवाल: पंजाब के बठिंडा में रहने का सच क्या था और कांग्रेसी नेता ने किस तरह से पनाह दी?
जवाब: बठिंडा में मेरे डेरे के कई समर्थक रहते हैं।

सवाल: डेरे के साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला क्या है?
जवाब: ऐसा कुछ नहीं है।

सवाल: डेरा प्रमुख के काफिले में कितने राजनेता और एन.आर.आई. थे?
जवाब: मुझे नहीं पता।

सवाल: न्यूज चैनल के संपर्क में कैसे पहुंची और किसने आपकी मदद की?
जवाब: कोई जवाब नहीं।

सवाल: पंचकूला हिंसा के लिए किन-किन लोगों को पैसे बांटे गए?
जवाब: यह सब गलत प्रचार है।

सवाल: पेशी के दिन काफिले में आई गाडिय़ों में हथियार और अन्य सामान के बारे में क्या जानकारी थी?
जवाब: कोई जवाब नहीं।

सवाल: इन 38 दिनों में आपने कितने मोबाइल फोन और सिम का इस्तेमाल किया?
जवाब: गोलमोल जवाब।

सवाल: आपका पुराना मोबाइल फोन और सिम कहां है?
जवाब: मुझे नहीं पता कहीं गिर गया था।

सवाल: डेरे से सामान ले जाने के आरोपों में क्या सच्चाई है?
जवाब: ऐसा कुछ नहीं है।

सवाल: इंटरनैशनल सिम प्रयोग करने का सच क्या है?
जवाब: गोलमोल जवाब।

सवाल: विदेश में बैठे किन लोगों से आपने संपर्क किया?
जवाब: किसी से भी नहीं।

सवाल: फरारी के दौरान सबसे ज्यादा दिन कहां रही?
जवाब: मुझे याद नहीं है।

हनीप्रीत के साथ साए की तरह रही थी सुखदीप कौर
हनीप्रीत के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ी बङ्क्षठडा निवासी डेरा प्रेमी सुखदीप कौर उसकी फरारी में साए की तरह साथ रही है। हनीप्रीत के 38 दिनों के दौरान एक सप्ताह का समय छोड़ दें तो 2 सितम्बर से सुखदीप कौर हर समय हनीप्रीत के साथ रही है। यह खुलासा खुद सुखदीप कौर ने एस.आई.टी. के समक्ष पूछताछ में किया है। एस.आई.टी. की पूछताछ में सुखदीप ने बताया कि उसका पूरा परिवार डेरे का पुराना अनुयायी है। सुखदीप लगातार फोन के जरिए हनीप्रीत के संपर्क में थी।

हनीप्रीत को सिरसा लाएगी पुलिस!
हनीप्रीत आखिरकार पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में है। माना जा रहा है कि उसे 6 दिन के रिमांड के दौरान पूछताछ के लिए यहां लाया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर पुलिस इस बात को पुख्ता नहीं कर रही है, मगर कहीं न कहीं यह बात सही है कि आगामी दिनों में पुलिस हनीप्रीत को सिरसा ला सकती है। कारण साफ है कि सिरसा न केवल डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय है, बल्कि 25 अगस्त को कोर्ट का फैसला आने के बाद हनीप्रीत सुनारिया के बाद सीधा सिरसा पहुंची थी।

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