बरसते पानी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं ने निकाली प्रभावी रैली

🔴 कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए दो घंटे किया कलेक्ट्रेट का घेराव

🔴 आखिर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
✍️दैनिक हमारा मेट्रो, बड़वानी

जिला मुख्यालय पर सोमवार दोपहर बरसते पानी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रभावी रैली निकाली। इस दौरान हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां थाम महिलाओं ने नारेबाजी की। इस दौरान कलेक्टोरट भवन में एकत्रित होकर कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिए बुलाने की मांग की। हालांकि बैठक होने से कलेक्टर नहीं आ सके। इस दौरान महिलाएं करीब दो घंटे मुख्य द्वार के सामने ही घेराव कर बैठ गई और नारेबाजी कर रोष भी जताया।

इसके बाद आखिर में एसडीएम घनश्यााम धनगर को संघ की 10 सूत्रीय मांगों और 3 स्थानीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर  निराकरण की मांग की। ज्ञापन में बताया कि हमारे द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं को शासकीय कर्मचारियों की तरह क्रियांवित की जाती हैं। साथ ही टीकाकरण, पल्स पोलियो ड्रॉप, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र का पंजीकरण, मतदाता सूची का सर्वे, मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना, मृत मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाना, साथ ही समय-समय पर शासन के विभिन्न कार्यों को अंजाम दिया जाता हैं। स्वास्थ्य विभाग के कार्य भी किए जाते हैं।


यह हैं प्रमुख मांगे
-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा देते हुए उन्हें उचित श्रेणी में शामिल किया जाए।
-नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी  स्कूल में बदलने पर उस में कार्यरत कार्यकर्ताओं को प्री प्राइमरी व सहायिका को प्री प्राइमरी असिस्टेंट टीचर में शिक्षण के अनुभव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता की प्री प्राइमरी असिस्टेंट टीचर में शिक्षण के अनुभव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार प्रशिक्षण लेकर पदोन्नत किया जाए।
-आंगनवाडी सहायिकाओं की बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि 1500 की कटौती गत शासनकाल में कर दी गई थी, जो अब तक निरंतर जारी है मुख्यमंत्री द्वारा भी कटौती की जा रही है।
-प्रोत्साहन राशि 1500 रुपए दिए जाने की घोषणा की गई थी, जो आदतन प्रतीक्षित है। इसलिए पोषण राशि शीघ्र भुगतान कराई जाए। इसी तरह 10 बिंदुओं की मांग को लेकर  आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
-कार्यकर्ता, सहायिकाओं व मिनी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति पर उन्हें क्रमश: एक लाख व 75 हजार रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की गई थी, वह प्रदान करवाई जाए।
-मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों में मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं, उन्हें जनसंख्या के आधार पर पूर्ण आंगनवाड़ी केंद्र में परिवर्तित करते हुए मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बनाया जाए और सहायिका की नियुक्ति की जाए।
-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पास विभागीय कार्यांे का अत्यधिक बोझ हैं, ऐसे में उनकी ड्यूटी अन्य कार्यांे में नहीं लगाई जाए। इस संबंध में प्रमख सचिव, मप्र शासन व महिला बाल विकास विभाग सहित कलेक्टरर के पत्र का पालन करवाया जाए।
-पोषण ट्रेकर एप्प बंद किया जाए।
-मानथन योजना में 18 से 40 वर्ष की कार्यकर्ताओं को पेंशन से जोड़ा जाए।
-बीएलओ की ड्यूटी निरस्त की जाए।
-बिना वजह कार्यकर्ताओं को जो काटा गया हैं, उसे जमा करवाया जाए।


यह हैं तीन स्थानीय मांगे

-प्रतिमाह की 5 तारीख तक मानदेय व प्रोत्साहन राशि एक साथ कार्यकर्ता के खाते में जमा की जाए।
-कार्यकर्ताओं की सेवा पर रहते आकस्मिक मृत्यु पर परिवार को कलेक्टर मानदेय राशि प्रदान की जाए।
-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को स्वीकृत शासकीय वार्षिक अवकाश का आदेश जारी किया जाए।

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