साधु-संतों ने कहा- नवरात्र भक्ति का पर्व, डीजे और डांस का नहीं

साधु-संतों ने कहा- नवरात्र भक्ति का पर्व, डीजे और डांस का नहीं

 

भोपाल । शारदीय नवरात्र गुरुवार से शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में शहर की सैकड़ों झांकियों एवं पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस मौके पर नवरात्र उत्सव को शोरशराबे की बजाए भक्तिभाव से मनाने की संत समाज ने समिति पदाधिकारियों व शहरवासियों से अपील की है। शहर के विभिन्न् मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के संतों का कहना है कि नवरात्र भक्ति और मां की आराधना का त्योहार है।
आराधना के नाम पर शोरशराबा करना बिल्कुल गलत है। आस्था और भक्ति का प्रतीक मंत्रोच्चार, भजन व पूजा अर्चना है। पंडालों व झांकियों में इसकी जगह फिल्मी गानों व डीजे ने ले ली है। यह चलन न सिर्फ धर्म के विपरीत है बल्कि इससे रहवासी इलाकों के लोग भी परेशान होते हैं। खासकर रात 11 बजे के बाद इस तरह के शोरशराबे पर प्रशासन को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए।
फिल्मी गाने बजाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई
हिन्दी भवन में मंगलवार को शांति समिति की बैठक हुई। बैठक में हिंदू उत्सव समिति ने अपनी मांग जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने रखते हुए कहा कि जिन झांकियों एवं चल समारोह में फिल्मी गाने बजाए जाएं, उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। समिति के अध्यक्ष कैलाश बेगवानी ने 11 बजे के बाद शराब की दुकानें करने व खुले में मांस बिक्री बंद करवाने की मांग की है।
वहीं मोहर्रम को लेकर मुस्लिम समुदाय ने सड़कों से अतिक्रमण हटाकर रास्ता साफ कराए जाने की मांग की है। बैठक में एसपी हेमंत चौहान, एएसपी राजेश भदौरिया समेत निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

Source:Agency

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