जिले के पांच बीआरसी हुए कार्य मुक्त, कलेक्टर ने जारी किए आदेश

कोरोना की दूसरी लहर में बंद स्कूलों में हुए अमानक खेल सामग्री वितरण का मामला
-दो माह पूर्व बड़वानी बीआरसी को निलंबन हो चुका, हमारा मैट्रो ने लगातार उठाया मुद्दा
✍️इम्तियाज खान✍️
बड़वानी। कोरोना की दूसरी लहर में जब स्कूलों का संचालन बंद था, तब विकासखंड स्तरों के जिम्मेदारों ने अपने पदों का दुरुपयोग कर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पौने दो करोड़ रुपए से अधिक राशि की अमानक और निम्म गुणवत्ता की खेल सामग्री खपा दी थी। इस मामले में जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से गत वर्ष अगस्त माह में जांच शुरु करवाई थी। जांच रिपोर्ट पर 21 नवंबर 2021 को कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने बड़वानी के बीआरसी को निलंबित किया था। वहीं पांच के बीआरसी के निलंबन आदेश उच्च स्तर पर भेजे है। आखिर जांच के पांच माह बाद पांच और बीआरसी पर गाज गिरी।
उल्लेखनीय है कि यह मामला गत वर्ष 2021 में अप्रैल से मई माह के बीच का है। इस मामले को लेकर दैनिक हमारा मैट्रो  ने खेल सामग्री वितरण में खेला शीर्षक के साथ प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद शिक्षा और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मंच गया था। ताबड़तोड़ कलेक्टर ने जिले में जांच दल गठित कर सात दिनों में जांच करने के आदेश जारी किए थे। इस दौरान सहायक संचालक क्रीड़ा इंदौर भी जिले के कुछ स्कूलों में पहुंचे थे, उनके समक्ष भी खेल सामग्री का बड़ा खेला सामने आया था। वहीं प्रशासन की टीम को गुणवत्ताहीन सामग्री सहित बिना क्रमांक, जीएसटी नंबर आदि अनियमितता के फर्जी फर्मांे के बिल मिले थे।
➡️गत दिनों दोबारा उठा था मुद्दा

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जुलाई माह में हमारा मैट्रो ने अमानक खेल सामग्री वितरण का मुद्दा उठाया था। वहीं इसके बाद जांच हुई और गत वर्ष 21 नवंबर को कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने बड़वानी बीआरसी को निलंबित किया। साथ ही पांच अन्य बीआरसी के निलंबन के लिए इंदौर कमिश्रर को प्रस्ताव भेजे थे। वहीं तीन दिन पूर्व 22 जनवरी को हुई बैठक में फिर यह मुद्दा उठा और पांच बीआरसी के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्रर को दोबारा भेजने का निर्णय लिया।
➡️जाने यह था मामला
जिले में 2 हजार 363 प्राथमिक और 679 माध्यमिक विद्यालय हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में 5 हजार रुपए की और माध्यमिक विद्यालयों में 10 हजार रुपए की खेल सामग्री वितरित की गई। इसका जोड़ देखा जाए तो प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 1 से 5) में 1 करोड़ 18 लाख 15 हजार रुपए और माध्यमिक (कक्षा 6 से 8) में 67 लाख 90 हजार की खेल सामग्री की खरीदी की गई। दोनों की कुल राशि 1 करोड़ 86 लाख पांच हजार रुपए होती है। वैसे कुछ शालाओं के बंद रहने या प्रवेश नहीं होने से राशि में अंतर हो सकता है।
➡️इन बीआरसी को कार्य मुक्त किया
पानसेमल बीआरसी संतोष पंवार, पाटी बीआरसी प्रफुल्ल पुरोहित, निवाली बीआरसी बलसिंह चौहान, सेंधवा बीआरसी राजाराम भालसे और राजपुर बीआरसी राजेश मालवीय पर गाज गिरी है। जबकि दो माह पूर्व 21 नवंबर को बड़वानी के तत्कालिन बीआरसी शैलेंद्र जाधव को निलंबित किया गया था।
➡️पद का दुरुपयोग कर घटिया सामग्री की आपूर्ति की
कलेक्टर ने शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि 18 नवंबर को जनजातीय कार्य विभाग बड़वानी ने इंदौर कमिश्रर को पत्र भेजा था। उसमें बताया था कि जिले के निवाली, राजपुर, सेंधवा, पाटी और पानसेमल विकासखंड स्रोत समन्वयकों (जनपद शिक्षा केंद्र) ने अपने पदीय कर्तव्यों का पालन न कर पद का दुरुपयोग किया। इस दौरान अपने अधिनस्थों पर अनावश्यक दबाव डालकर घटिया और निम्न गुणवत्ता की खेल सामग्री आपूर्ति करना प्रथम दृष्टया सही पाई। इसके चलते उक्त स्थानों के बीआरसी की प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई। साथ ही उनके मूल विभाग की ओर कार्यमुक्त किया गया।

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