चीन ने साउथ चाइना सी में अपना दखल बढ़ाया, 80 जगहों के बदले नाम

चीन ने साउथ चाइना सी में अपना दखल बढ़ाया, 80 जगहों के बदले नाम

 

 

दुनिया कोरोना वायरस  से लड़ने में लगी है और चीन अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ समंदर से जमीन तक विस्तावाद के एजेंडे पर अमल कर रहा है. दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनने का सपना संजोए चीन ने समंदर में एक बार फिर ऐसा दांव चला है, जिसने दुनिया भर में हलचल मचा दी है.

चीन ने पहले तो साउथ चाइना सी में अपने युद्धपोत भेजे और अब खबर है कि जब पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है तो चीन ने चुपके से साउथ चाइना सी में 80 जगहों के नाम बदल दिए हैं. माना जा रहा है कि चीन ने जबरन कब्जा करने की नीयत से नामों में बदलाव किया है. जिन जगहों के नाम बदले गए हैं, उनमें  25 आइलैंड्स और रीफ्स हैं, जबकि बाकी 55 समुद्र के नीचे के मौजूद भौगोलिक संरचनाएं हैं.

चीन लगातार दक्षिण चीन सागर में फौजी दखल देता रहा है. कोरोना के इस संकटकाल में भी इस क्षेत्र में चीन की दादागीरी कम नहीं हुई है.

पिछले हफ्ते ताइवान ने दावा किया था कि चीन ने अपने जंगी जहाज और फाइटर जेट को इस समुद्री इलाके में भेजा था. जापान ने भी इस दावे को सही बताया था. हालांकि चीन ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे रूटीन मिलिट्री एक्सरसाइज बताया था. लेकिन चीन ने जिस तरह साउथ चाइना सी में 80 जगहों के नाम बदले हैं, उससे ड्रैगन के असली इरादों की झलक मिल जाती है.

अब समझिए कि आखिर चीन के इस गेम का असली मतलब क्या है। आरोप है कि चीन साउथ चाइना सी में मौजूद कुछ हिस्सों पर जबरन कब्जा करना चाहता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री जगहों के नामों में बदलाव चीन के इसी प्लान का हिस्सा हो सकता है.

अपने छोटे और कमजोर पड़ोसियों को लेकर चीन का रवैया आक्रामक रहा है. चीन के इस कदम से उसके पड़ोसी देश चौकन्ना हो गए हैं. ताइवान और जापान जैसे देशों के साथ चीन के रिश्ते पहले से ही तनाव भरे रहे हैं. इतना ही नहीं अमेरिका को भी चीन की इस चाल ने टेंशन में डाल दिया है. चीन के इस कदम से साउथ चाइना एरिया में तनाव बढ़ना तय माना जा रहा है

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