मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने पर 1100 लोगों से 10 करोड़ ठगी

द्वारका नॉर्थ और द्वारका जिला के साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बैंक खाते और मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने के नाम पर करीब 1100 लोगों से 10 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में गिरोह का सरगना जामताड़ा निवासी अलीमुद्दीन अंसारी व फर्जी दस्तावेज के जरिये बैंक खाता मुहैया करवाने वाला उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी मनोज यादव शामिल है।

आरोपित के पास बराम किए गए ये सामान

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 81 डेबिट कार्ड, 104 चेक बुक, 130 पासबुक, 39 सिमकार्ड व आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरोह झारखंड व पश्चिम बंगाल के नक्सल प्रभावित इलाके से कॉल सेंटर के माध्यम से गिरोह से संपर्क करते थे। गिरोह में सौ से ज्यादा सदस्य हैं, जो देश के कई राज्यों में सक्रिय हैं। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एंटो अल्फोंस ने बताया कि द्वारका निवासी एक व्यक्ति ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद मामले की जांच करते हुए पुलिस टीम ने मनोज यादव को दिल्ली व अलीमुद्दीन अंसारी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया।

बैंक खाते में जोड़ देते थे अपना मोबाइल नंबर

द्वारका निवासी डॉक्टर राकेश गिलानी ने द्वारका नार्थ थाने में शिकायत दी कि एक शख्स ने ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बनकर उन्हें फोन किया और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ने के नाम पर पीड़ित से डेबिट कार्ड नंबर और सीवीवी नंबर ले लिया। इसके बाद पीड़ित को एक मैसेज भेजकर उसे 121 नंबर पर भेजने के लिए कहा। इस बीच आरोपित ने पीड़ित से सारी जानकारी लेकर पीड़ित के बैंक में अपने नाम से मोबाइल नंबर अपडेट कराया और ट्रांजेक्शन के लिए ओटीपी का इस्तेमाल कर रकम ट्रांसफर कर लिया। 36 घंटे तक सिम सक्रिय नहीं होने पर पीड़ित शख्स ने ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से बात की तो पता चला कि उनके मोबाइल नंबर पर नया सिमकार्ड सक्रिय हो चुका है। पीड़ित ने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उनके खाते से चार लाख 17 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।

झारखंड और बंगाल से चल रहा था गिरोह

द्वारका नॉर्थ थाने के प्रभारी संजय कुंडू व साइबर सेल के प्रभारी एसआइ अरविंद के नेतृत्व व एसीपी राजेंद्र सिंह की देखरेख में पुलिस टीम ने जांच में पाया कि पीड़ित के खाते से चार अन्य खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। ये सभी खाते दिल्ली, झारखंड और पश्चिम बंगाल के निकले। टेक्निकल जांच के बाद मदनपुर खादर और करोलबाग में छापामारी कर मनोज यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर अलीमुद्दीन अंसारी को राजस्थान के अजमेर से गिरफ्तार कर लिया।

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